पुरातत्व-वैज्ञानिकों ने तुर्की में करीब 2,300 साल पुराना एक ऐसा स्थान खोजा है, जहां किसी समय में खून के कुंए हुआ करते थे।
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डेली मेल की खबर के अनुसार, वैज्ञानिकों का कहना है कि यहां खून के कुंए हुआ करते थे और साथ टॉर्चर चैंबर भी हुआ करते थे।
उन्होंने बताया कि यहां पहले कैदियों को तरह-तरह की यातनाएं दी जाती थीं और उसके बाद उनके सिर काटकर उन्हें कुंए में डाल दिया जाता था।
उसके बाद उनके सिर कटे शवों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया जाता था। इस यातनागृह को खोजने का पूरा श्रेय इब्राहिम यिलमाज को जाता है। वो यूनिवर्सिटी फैकेल्टी ऑफ साइंस एंड लिटरेचर हिस्ट्री ऑफ आर्ट डिपार्टमेंट से जुड़े हुए हैं।
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दरअसल, ये चैंबर और कुंए वर्तमान निर्माण में दब गए थे। इतिहासकारों और विशेषज्ञों का तो ये भी कहना है कि यहां पर मृत शरीरों का व्यापार भी होता था। सिर काटने के बाद वो मृत शरीर परिवार वालों को देने के लिए उनसे पैसे भी लेते थे।
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यहां का नगरनिगम इन चैंबर और कुंओं को संग्रहालय के तौर पर विकसित करने की योजना बना रहा है। लेकिन कुछ विशेष कारणों के चलते कुंए और उन चेंबर्स की तस्वीरें सार्वजनिक नहीं की गई हैं।