अगर आप अंडा खाने के शौकीन हैं और आपके घर में दर्जन-दर्जन भर अंडे आते हैं फिर फ्रिज में सजाए जाते हैं तो ये खबर पढ़कर आपको खुशी मिलेगी।
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अमूमन अंडे को मांसाहार ही माना जाता है। हालांकि अंडा खाने के शौकीन इसे मांसाहार नहीं मानते पर आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि हमारे पूर्वज अंडे को सौभाग्य का प्रतीक मानते थे।
क्या है ये माजरा?
वर्तमान में जिसे हम तुर्की के नाम से जानते हैं वो कभी सारदिस हुआ करता था। पुराना शहर होने के नाते ये जगह हमेशा ही पुरातत्वविदों के लिए महत्वपूर्ण रहा है।
लेकिन पिछले साल जुलाई में पुरातत्वविदों को यहां खुदाई के दौरान करीब 2000 साल पुराने अंडे मिले हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि ये उस समय शुद्घता के प्रतीक हुआ करते थे।
लोग इन अंडों को घर में रखना पवित्र मानते थे।
क्या कहते हैं पुरातत्वविद ?
खुदाई करने वाली टीम के डायरेक्टर निक का कहना है कि पुराने समय में लोग घर को पवित्र करने के लिए कई चीजों को जमीन के भीतर गाड़ दिया करते थे।
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यहां भी खुदाई के दौरान दो बर्तनों में अंडे मिले हैं। मिले अंडों में से एक टूटा हुआ है जबकि दूसरा साबूत है।
देवी से है अंडो का संबंध
इससे पहले साल 1911 में भी खुदाई के दौरान ऐसे ही अंडे मिले थे लेकिन उन पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया था।
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मिस्र के कई विद्वानों ने अंडे को पवित्रता से जोड़कर उसकी व्याख्या की है। इसके अलावा सारदिस के अंडे जिस बर्तन में मिले हैं उनमें कुछ सिक्के भी मिले हैं। जिस पर शेर बना हुआ है और शेर को मिस्र की देवी सीबेले के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है।
यहीं तक सीमित है से प्रथा
हालांकि सारदिस के अलावा ये और कहीं देखने को नहीं मिला है कि घर को पवित्र करने के लिए अंडे का इस्तेमाल किया जाता हो।
पर पुरातत्वविदों का कहना है कि इस संदर्भ में अभी विस्तृत अध्ययन की जरूरत है। तभी प्रमाणिक तौर पर कुछ कहा जा सकता है। (newswatch.nationalgeographic.com/)