देखने में तो मधुमक्खी नन्ही सी जान होती है लेकिन अब ये दुनिया को बचाने के काम आएंगी। चूहों के बाद अब मधुमक्खियों को लैंड-माइन की पहचान करने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है।
हफपोस्ट की खबर के मुताबिक क्रोएशन के शोधकर्ताओं ने इन मधुमक्खियों को ट्रेनिंग देने का बीड़ा उठाया है। बाल्कन के एक बहुत बड़े भू-भाग में सुरंगे बिछी हुई हैं। जिससे हर समय मौत का खतरा बना रहता है।
मधुमक्खियों के व्यवहार को अच्छी तरह से जानने-समझने वाले निकोला केजिक के मुताबिक मधुमक्खियों में सूंघने की विशिश्ट क्षमता होती है।
इसी क्षमता के बूते वो अपना खाना खोजती हैं। शाधकर्ताओं ने सोचा कि मधुमक्खियों की इस अनूठी क्षमता का इस्तेमाल लैंड-माइन खोजने के लिए भी किया जा सकता है।
इसके लिए शोध्कर्ताओं ने जगह-जगह मधुमक्खियों के खाने की चीजें रख दी और कुछ जगहों पर टीएनटी का मिश्रण भी रख दिया। आश्चर्यजनक रूप से ज्यादातर मधुमक्खियां उस जगह पर जमा हुईं जहां टीएनटी के मिश्रण वाला खाना रखा हुआ था।
उनका मानना है कि इन मधुमक्खियों को ट्रेनिंग देकर आसानी से लैंड माइन का पता लगाया जा सकता है। लेकिन इतनी ज्यादा तादात में मधुमक्खियों को ट्रेनिंग देना अपने आप में काफी मुश्किल काम है।