बीना सरिस्का के जंगल में बाघों और खतरनाक जानवरों के बीच बेखौफ घूमती रहती है। उसे किसी का डर नहीं, ना ही कोई चिंता। दिन में एक बार शिकार और दो बार भोजन। यही बीना की दिनचर्या है। यहां बात हो रही है राजस्थान के सरिस्का वन्यजीव अभ्यारण्य में दो नई बाघिनों की जिनके नाम बीना एक और बीना दो हैं।
दरअसल इन दोनों बाघिनों के नाम राज्य की वनमंत्री बीना काक के नाम रखने से विवाद हो गया है। सरिस्का को आबाद करने के लिए रणथंभौर से लाकर मंगलवार को छोड़ी गई बाघिन का नाम बीना एक और दूसरी बाघिन का नाम बीना दो रखा गया है।
इस मामले में काक का कहना है कि नाम विभाग ने रखे हैं जबकि मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक एएस बरार का कहना है कि इन दोनों शावकों को जब पहली बार रणथंभौर में देखा गया था तब मंत्री मौजूद थीं तथा उनके नाम से बाघिनों के नाम रख दिए गए।
अब सरिस्का में आने पर नाम तो नहीं बदलेंगे लेकिन कोडिंग जरूर बदलेगी। उल्लेखनीय है कि बढ़ते शिकार के चलते सरिस्का में जंगल का राजा गायब हो गया था जिसको फिर से आबाद करने के लिए छह बाघ-बाघिन यहां लाए गए थे। इनमें से एक की मौत हो गई। एक बाघिन ने दो शावकों को जन्म दिया है।