आप भी हमेशा ऐसी बैटरी के बारे में सोचते होंगे जो चुटकियों में मोबाइल को रीचार्ज कर दे। आपकी ये सोच जल्द ही सच होने जा रही है। ऐसी महाबैटरी ईजाद होने जा रही है जो सैकेंड से भी कम समय में मोबाइल रीचार्ज कर देगी।
डेली मेल के अनुसार यूनिवर्सिटी ऑफ इलिनोइस के वैज्ञानिकों ने ऐसी माइक्रोबेटरी विकसित करने में सफलता पाई है जो आम बैटरी से 1000 गुना ज्यादा शक्तिशाली होगी। वैज्ञानिकों का मानना है कि एंड्राएड और स्मार्टफोन के युग में ऐसी बैटरी ज्यादा कारगर साबित होगी जो एक सैकेंड से भी कम समय में मोबाइल रीचार्ज कर दे।
अभी तक लिथियम आधारित बैटरी के जरिए ही मोबाइल रीचार्ज किए जा रहे हैं। लेकिन स्मार्टफोन के आने के बाद से ही ऐसी बैटरी की जरूरत महसूस की जा रही थी जो रीचार्ज का समय कम कर दे।
यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता विलियम किंग ने कहा कि यह महाबैटरी है और आने वाले युग में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली है। किंग ने कहा कि बीते दस सालों में वैज्ञानिकों ने इलेक्ट्रानिक उपकरण तो बहुत अपडेट कर लिए हैं लेकिन चार्जिंग का तरीका वही पारंपरिक बैटरी वाला है।
किंग ने कहा कि महाबैटरी का कॉन्सेप्ट इस दिशा में क्रांति लाएगी। यह बैटरी माइक्रोटेक्नॉलजी पर आधारित है और इस कॉन्सेप्ट के जरिए बनी बैटरी उपभोक्ता के लिए फायदेमंद साबित होगी।
स्मार्टफोन और एंड्राएड जैसे मोबाइल की बैटरी बहुत कम समय तक चलती है। ज्यादा एप्लीकेशन्स और सुविधाओँ के चलते ऐसे मोबाइल खाली समय में हमेशा बैटरी पर ही लगे मिलते हैं।
ऐसे मोबाइल में पॉवर और एनर्जी की खपत को देखते हुए ही वैज्ञानिक माइक्रोबैटरीज की थ्योरी पर काम कर रहे हैं। ये महाबैटरी कम समय में ज्यादा पॉवर और एनर्जी मोबाइल को उपलब्ध कराएगी।
प्रोफेसर पॉल ब्राउन ग्रुप के फास्ट चार्जिंग केथोड डिजाइन से प्रेरित होकर विलियम किंग और उनके सहयोगी पॉवर और एनर्जी दोनों को माइक्रोस्केल स्तर पर एक साथ लाने का काम कर रहे हैं और यह शोध माइक्रोबैटरी को जन्म दे रहा है।
किंग ने कहा कि माइक्रोस्केल पर पॉवर और एनर्जी को एक साथ लाने के बाद ऐसी बैटरी बन रही है जो एक सैकेंड में ही चार्ज करेगी और इसके जरिए मोबाइल 1000 गुना ज्यादा तेजी से काम कर सकेगा।
इतना ही नहीं ये बैटरी मेडिकल डिवाइस, लेजर, सैंसर और अन्य उपकरणों को भी 1000 गुना ज्यादा प्रभावशाली बना देगी।