शनिवार को बकरीद के लिए जमकर खरीदारी हो रही है। कुर्बानी के लिए मुंहमांगी कीमत पर बकरे खरीदे जा रहे हैं। लेकिन गुलमर्ग पर लगी पैंठ में साढे चार लाख का बकरा लोगों के बीच आर्कषण का केंद्र बन गया है। गुलमर्ग के सराय मुफ्तीगंज शाहपीरगेट निवासी मोहम्मद चांद ने बाजार में अपने तंदरुस्त बकरे के जोड़े की कीमत 4.65 लाख लगाई है। चांद ने का कहना है कि इससे कम कीमत में वो अपने बकरे का जोड़ा नहीं बेचेगा। चांद का कहना है कि उसने मेवा और बादाम खिलाकर इस जोड़े को इतना सुंदर और तंदरुस्त बनाया है।
खास बात ये है कि एक ग्राहक ने इस जोडे़ के 2.35 लाख रुपये भी लगा दिए, लेकिन सौदा बना नहीं। एक अन्य बकरे का जोड़ा 72 हजार रुपये का भी पैंठ में था। ये दोनों जोड़े आकर्षण का केंद्र बने रहे। पैंठ में मुरादाबाद, रामपुर, इंदौर, राजस्थान, हरियाणा आदि से बकरे लाए गए हैं। पशु व्यापारी मौ. वसीम, साबिर, जमील, शाकिर आदि ने बताया कि पांच हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक के बकरे ज्यादा बिक रहे हैं। कुछ लोग ऊंट और भैंस भी खरीद रहे हैं। कुर्बानी की भैंस 15 से 30 हजार रुपये और ऊंट 40 से 60 हजार रुपये तक में बेचा जा रहा है।
एक रुपये की एक टहनी
बकरीद से पहले के दिनों में बाजार में गूलर के पत्ते, गेहूं, मक्का, चने आदि महंगे हो गए हैं। दरअसल ये चीजें बकरे व कुर्बानी के लिए इस्तेमाल होने वाले जानवरों को काफी पसंद होती हैं। अपने जानवरों को खिलाने के लिए लोगों के गूलर के हरे पत्ते 40 रुपये किलो में खरीदने पड़ रहे हैं। गूलर की एक टहनी एक रुपये की मिल रही है। बकरा बेचने वालों का कहना है कि जब वो अपने जानवरों को तंदरुस्त बनाने के लिए इतना पैसा खर्च कर रहे हैं तो कीमत भी वाजिब ही लेंगे।