ठान लिया जाए, तो आखिर क्या नहीं किया जा सकता। अमेरिका के एक बच्चे ने यही साबित कर दिया है।
इंडियानापोलिस का 15 वर्षीय एक किशोर फिजिक्स में पीएचडी करने की तैयारी कर रहा है। खास बात यह है कि यह बच्चा 2 साल की उम्र से गंभीर ऑटिज्म से जूझ रहा है।
क्रिस्टीन बार्नेट का बेटा जेकब बचपन में बोल नहीं पाता था और जांच करने पर पता चला कि वह गंभीर ऑटिज्म से पीड़ित है। लेकिन 3 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते वह बोलना शुरू हुआ और साढ़े तीन साल का होने पर पढ़ने लगा।
एबीसीन्यूज ने क्रिस्टीन के हवाले से बताया कि इसके बाद जल्द ही वह कॉलेज प्रोफेसर के गणित और साइंस के मुश्किल सवाल हल करने लगा।
बार्नेट ने कहा, 'उस वक्त मेरे नजरिए में बदलाव आया और मैंने महसूस किया कि मेरे बेटे का दिमाग काफी तेज है। वह मुश्किल चीजें भी समझ लेता था। उसके भविष्य को लेकर मेरी सोच पूरी तरल बदल गई।'
बार्नेट ने कहा कि जेब अब इंडियाना यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने की तैयारी कर रहा है और कई आईक्यू टेस्ट में यह साबित हुआ है कि वह बेहद अक्लमंद है।