दिल बड़ा ही नाजुक होता है। कभी इश्क में टूट जाता है तो कभी गलत खान पान से खतरे में आ जाता है। जी हां बात हो रही है हार्ट अटैक की। वैसे हार्ट अटैक के लिए आप किन चीजों को जिम्मेदार मानते हैं? घबराहट, तनाव, शराब, फास्ट फूड? लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सड़क पर भी कोई खड़ा है जो आपके दिल को खतरा पहुंचा रहा है।
अमेरिका के शोधकर्ताओं के मुताबिक हार्ट अटैक के लिए वायु प्रदूषण और ओजोन का घटता स्तर भी जिम्मेदार हो सकता है। बॉस्टन में आयोजित अमेरिकन एसोसिएशन फॉर एडवांसमेंट ऑफ साइंस कांफ्रेंस के दौरान यह नतीजे पेश किए गए हैं। राइस यूनिवर्सिटी में कैथरीन एंसार और लॉरेन राउन ने पिछले आठ सालों के वायु प्रदूषण के आंकड़ों और हॉस्टन एमरजेंसी मेडिकल सर्विस द्वारा दर्ज 11,000 से ज्यादा हार्ट अटैक के मामलों को अध्ययन किया। एंसार की मानें तो वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य को होने वाले खतरे की समझ और सतर्कता को बढ़ाने की जरूरत है।
एंसॉर तथा लॉरेन राउन ने वायु की गुणवत्ता का आकलन करने वाले पिछले आठ वर्षो के आकड़ों तथा ह्यूस्टन एमरजैंसी सेवा(ईमएस) द्वारा दर्ज 11,000 से अधिक हार्ट अटैक के मामलों का विश्लेषण किया। एंसॉर कहती हैं, इस अध्ययन का मूल उद्देश्य लोगों के जीवन की रक्षा करनी है। इस अध्ययन का मूल उद्देश्य था कि यह पता लगाया जाए कि सड़क पर फैला प्रदूषण ह्रदय के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है।
वह आगे बताती हैं, हम प्रत्येक व्यक्ति के लिए खतरे की सूचना देने वाली बेहतर चेतावनी प्रणाली के विकास में सहयोग करना चाहते हैं। वायु प्रदूषण की सामान्य चेतावनी बेहतर नहीं हो सकती। इसके साथ ही हम वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य को होने वाले खतरे की समझ को और बेहतर करना चाहेंगे और वायु प्रदूषण को लगातार कम होता देखना पसंद करेंगे।