हमारे देश में मोटापे से परेशान रहने वाले लोगों की कोई कमी नहीं है। लेकिन एक मुल्क ऐसा है, जहां दो साल का बच्चा मोटापे की सर्जरी करा रहा है और उसका नाम रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है।
मेट्रो की कहानी के अनुसार, बालक की उम्र सिर्फ दो साल है और उसका वजन 33 का आंकड़ा छू सका है। उसके परिवार को मदद की गुहार लगानी पड़ी, क्योंकि उसे स्लीप एप्नीया बीमारी हो गई थी और सोते वक्त सांस लेना रुक जाता।
यह बच्चा वजन घटाने के लिए सर्जरी कराने वाला दुनिया का सबसे छोटा बालक बन गया है।
जिन डॉक्टरों ने बच्चे का वजन घटाने के लिए लैप्रोस्कोपिक स्लीव गैस्ट्रेक्टॉमी ऑपरेशन किया, उनका कहना है कि इससे पहले डाइट के जरिए दो बार उसका वजन कम करने की कोशिश की गई थी, लेकिन नाकामी हाथ लगी।
बैकर आईडीआई हार्ट एंड डायबिटीज इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर पॉल जिमेट ने इस मामले को चौंकाने वाला और असाधारण बताया है।
उन्होंने कहा, "हमें इस बात का कोई अंदाजा नहीं कि इससे बच्चे की ग्रोथ पर क्या असर पड़ सकता है। अगर इसका ठीक से फोलोअप नहीं किया गया, तो उसमें विटामिन की कमी भी हो सकती है।"
छह महीने का होने तक बच्चे का वजन सामान्य था, लेकिन जैसे ही उसका वजन तेजी से बढ़ा, उसके माता-पिता ने डॉक्टरों की सलाह लेना मुनासिब समझा। बच्चा मॉरबिड ओबेसिटी से ग्रस्त है।
हालांकि, उसके परिवार में कभी किसी को यह बीमारी नहीं रही है। ब्रिटेन में 13 साल की लड़की और 15 साल के लड़के के मामले में ही इस सर्जरी पर विचार किया जाता है।