टाइटेनिक को अभी तक लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार माना जाता है। लेकिन चॉकलेट के बने एक टाइटेनिक ने ऐन मौके पर दो लोगों की जान बचा ली। इसी चॉकलेट के टाइटेनिक की वजह से एक कपल मनहूस टाइटेनिक की पहली और आखिरी यात्रा पर नहीं जा पाया और उनकी जिंदगियां बच गईं। मालूम हो 15 अप्रेल 1912 को टाइटेनिक जहाज डूब गया था और उसमें सवार 1522 लोग काल के गाल में समा गए थे।
दरअसल न्यूयार्क के मिल्टन एस हार्शले और उनकी पत्नी टाइटेनिक की पहली यात्रा पर जाने को बिलकुल तैयार थे। इसी उत्साह में हार्शले ने एक चॉकलेट का टाइटेनिक जहाज भी बनाया। लेकिन हार्शले दंपति टाइटेनिक पर चढ़ नहीं पाए क्योंकि ऐन मौके पर हार्शले की बीवी ज्यादा चॉकलेट खाने से बीमार हो गईं।
खास बात ये है कि टाइटेनिक पर चढ़ने के उत्साह में मिसेज हार्शले वही पूरा चॉकलेटी जहाज खा गईं जो हार्शले ने टाइटेनिक की नकल करते हुए बनाया था। हालांकि टाइटेनिक पर न जाने पर हार्शले दंपति काफी समय तक दुखी रहे लेकिन जैसे ही उन्हें टाइटेनिक हादसे की खबर मिली, उन्होंने ईश्वर और 'चॉकलेटी टाइटेनिक' को धन्यवाद दिया।