उत्तर प्रदेश के चंदौसी के सीकरी गेट निवासी शेख मोहम्मद आकिल पहलवान थे। कुश्ती के विजेता रहे शेख के घर में कोई कमाने वाला नहीं था। पिता की आमदनी से बमुश्किल गुजारा हो पाता था। हाथ में हुनर और दिल में काम करने की लगन थी। लेकिन अपने वतन में काम नहीं मिला।
मजबूरी में आकिल को 14 साल पहले शेखों के मुल्क सऊदी अरब में रोजगार की तलाश में जाना पड़ा। आज वह भले ही परिवार का मजबूत सहारा हैं, लेकिन इस चक्कर में खुद से उनका परिवार छिन गया। हर छोटी बड़ी खुशी के मौके पर वह परिवार के लिए और परिवार वाले उसके लिए तड़पते हैं।
14 साल बाद घर लौटे आकिल अपनी मां को देखकर फफक पड़े। उनके पीछे बहन की शादी हो गई। कुछ अपने दुनिया से हमेशा के लिए रुखसत हो गए।
लेकिन जरूरतों ने आकिल को वापस घर लौटकर नहीं आने दिया। वह बताते हैं कि बहन की शादी के लिए पैसा जरूर जुटा कर भेजा लेकिन विदाई के वक्त दुआ का हाथ भी उसके सिर पर न रख सके।
घर वालों ने वीडियो कैमरे के जरिए इंटरनेट पर ही बहन की शादी दिखाई थी। वह सऊदी अरब गए थे तो भाई बहन बहुत छोटे थे।
14 साल के बाद परिजनों से मिलने की खुशी का इजहार नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन मायूस भी हैं क्योंकि अभी 'वनवास' पूरा नहीं हुआ।
दो माह बाद आकिल को फिर जाना है। वह ऐसे अकेले शख्स नहीं हैं। ऐसे तमाम लोग हैं जो परिवार की जरूरतों के लिए कमा कर भेजते हैं। बस नसीब नहीं होता तो परिवार का प्यार।