नाइजीरिया में किशोरी छात्राओं ने पेशाब से चलने वाला जनरेटर बनाया है, जिससे एक लीटर पेशाब से छह घंटे बिजली चलेगी। एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नाइजीरिया में किशोरी छात्राओं ने पेशाब से चलने वाला जनरेटर बनाया है।
‘डेली मेल’ के अनुसार, यह जनरेटर एक लीटर पेशाब को बिजली में बदल देता है और यह बिजली छह घंटे के लिए काफी है। 14 साल की दुरो आइना अदेबोला, अकींदेले ऐबिओला, फेलेक ओलुवातोइन और 14 साल की बेलो ऐनिओला ने लागोस में मेकर फेयर अफ्रीका व्यापार मेले में अपनी यह नई खोज पेश की है। उन्होंने बिजली बनाने के लिए एक ऐसे पदार्थ का इस्तेमाल किया है जो मुफ्त, असीमित मात्रा में और आराम से उपलब्ध है।
मेकर फेयर ब्लाग के अनुसार, इस नई खोज में पेशाब को एक इलेक्ट्रोलिटिक सेल में डाला जिसने मूत्र को नाइट्रोजन, जल और हाइड्रोन में तब्दील कर दिया। इसके बाद शुद्धि करण के लिए हाइड्रोन वाटर फिल्टर में गया जिसे आगे गैस सिलेंडर में धकेला गया। गैस सिलेंडर ने हाइड्रोजन को तरल बोरैक्स के सिलेंडर में भेजा जिसका इस्तेमाल हाइड्रोजन गैस से नमी को अलग करने में किया जाता है। इस शुद्धिकृत हाइड्रोजन गैस को जनरेटर में भेजा गया जहां एक लीटर मूत्र से छह घंटे तक चलने वाली बिजली बनाने में मदद मिली।