खेलते हुए बच्चे किसे अच्छे नहीं लगते...? लेकिन कभी-कभी बच्चों का खेल परिवार के लिए जिंदगीभर का रोना बन जाता है। कुछ ऐसा ही एटा के भगीपुर में हुआ, जहां एक दस साल के बच्चे ने खेल-खेल में फांसी लगा ली और उसकी मौत हो गई।
दस साल का रवि अपनी छोटी बहन दीक्षा के साथ खेलने के लिए मामा के घर गया हुआ था। तभी रवि ने अपनी बहन से कहा 'मैं बहुत बहादुर हूं। मैं अपने गले में दुपट्टा बांधकर लटक भी जाऊं तो भी मुझे कुछ नहीं हो सकता। क्योंकि मैं एक बार पतंग उड़ाते समय गिर गया था लेकिन मुझे बिल्कुल चोट नहीं लगी थी।'
ऐसा कहते हुए उसने अपने गले में दुपट्टा बांध लिया और पेड़ से लटक गया। बहन छोटी थी तो वो रवि की मदद भी नहीं कर सकी। रवि अपने घर का इकलौता लड़का था। उसकी मौत से पूरे घर में मातम छाया हुआ है।