कहते हैं कि हौंसले उम्र के मोहताज नहीं होते। लंदन की 86 वर्षीय बेरिल रेनविक और 91 वर्षीय बैटी स्मिथ ने इस बात को साबित करके दिखाया है कि उम्र कितनी भी हो जिंदादिली कभी मरा नहीं करती। बेरिल और बैटी बीबीसी रेडियो हंबरसाइड की प्रेजेंटर हैं। अपनी आवाज और चुटीले अंदाज से उम्र के इस दौर में भी इन्होंने श्रोताओं के मनोरंजन में कोई कसर नहीं छोड़ी।
हाल में बेरिल और बैटी को यूके का ऑस्कर कहे जाने वाले ‘सोनी रेडियो अवार्ड्स’ से नवाजा गया है। क्रिसमस के मौके पर गर्मजोशी और उत्साह से लबरेज मिसेज रेनविक और मिसेज स्मिथ ने रेडियो माइक को अलविदा कह दिया। रिटायरमेंट के बाद जब लोगों को उत्साह कम होने लगता है, ऐसे में इन दोनों ने जिंदगी की एक नई शुरूआत की और रेडियो प्रेजेंटर बन गई।
हुल शहर के रिट्ज आफटरनून क्लब में 1999 में बेरिल रेनविक और बैटी स्मिथ की पहली मुलाकात हुई थी। इससे पहले दोनों के पतियों की मौत हो चुकी थी। इस मुलाकात के बाद दोनों की दोस्ती हो गई। वर्ष 2006 में बीबीसी रेडियो हंबरसाइड की प्रेजेंटर बनने के बाद यह जोड़ी और भी मजबूत हो गई और धीरे-धीरे लोगों के बीच इनकी एक पहचान बन गई।
इन वयोवृद्घ महिलाओं के रेडियो प्रेजेंटर बनने की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। क्लब की 15 सदस्य महिलाओं के साथ बेरिल और बैटी बीबीसी रेडियो हंबरसाइड ऑफिस गईं थी। प्रोड्यूसर डेविड रीव्स उस समय एक नए कार्यक्रम के फॉर्मेट पर काम कर रहे थे। डेविड कहते हैं कि ‘वे दोनों बेहद बुद्घिमान, मजाकिया और हाजिरजवाब हैं।’ डेविड बताते हैं कि-‘मैं जानना चाहता था कि उम्रदराज लोग आखिर क्या सोचते हैं, क्या कहना चाहते हैं और हम उनसे क्या सीख सकते हैं! मेरे जैसे रेडियो के ढेरों श्रोता भी ऐसा ही सोचते होंगे। मैंने दोनों की आवाज सुनी और वहीं से एक नए कार्यक्रम का सिलसिला शुरू हो गया।
आज कई युवा रेडियो प्रेजेंटर्स को पछाड़कर उन्होंने प्रतिष्ठित सोनी अवार्ड पर कब्जा किया है। अब बेरिल और बैटी काफी खुश हैं। मिसेज रेनविक कहती हैं कि हम स्पष्ट कहने से कभी नहीं घबराते थे। मामला कुछ भी हो, कॉलर्स की परेशानियों को हल करने में हमें कोई झिझक नहीं होती थी। जब उनसे पूछा गया कि क्या एयरवेव्स पर वे कभी वापस आएंगी, तो रेनविक ने कहा-‘डांट वरी, मिसेज स्मिथ के 100वें जन्मदिन पर फिर मुलाकात होगी।