मोटर कारों में आधुनिकतम डैश बोर्ड हर कोई चाहता है। कार चलाने वाले डैश बोर्ड में मल्टीमीडिया और इंफोटेनमेंट के सारे उपकरण चाहते हैं। आई फ़ोन के जमाने में हर कोई इस्तेमाल करने में तेज रफ़्तार सिस्टम चाहे भी क्यों नहीं।
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ऐसे ही लोगों की मुश्किलों को दूर करने के लिए ऐपल ने अब कार प्ले बनाना शुरू कर दिया है। यानी मोटरकार में अब अत्याधुनिक सुविधाएं सहजता से मौजूद होंगी। यह सिस्टम कार प्ले और उसमें काम आने वाले तमाम ऐप भी मौजूद होंगे, जिन्हें आप अब तक आईफ़ोन में देखते रहे हैं।
हालांकि ऐपल के इस कार-प्ले को लेकर कार निर्माताओं ने ज्यादा उत्साह नहीं दिखाया है। हालांकि इसकी शुरुआत दो साल पहले कार में आईओएस सिस्टम के नाम से हुई थी। लेकिन हाल ही में जेनरल मोटर्स सहित दूसरी कार कंपनियों ने कार प्ले में दिलचस्पी दिखाई है। माना जा रहा है कि कुल मिलाकर इस साल के अंत तक 40 मॉडल की कारों में कार-प्ले का इस्तेमाल होगा। इसके अलावा कार-प्ले 2016 में आने वाली कारों में भी नजर आएगा।
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ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि कार प्ले किस तरह से कार चलाने के अनुभव को बेहतरीन बनाएगा। एक नजर उन पांच कारकों पर, जहां कार चलाने वाले या फिर कार में सवार यात्रियों को साफ अंतर महसूस होगा।
1. ज़्यादा कनेक्शन, कम विकर्षण
यह आम बात है कि लोग गाड़ी चलाते हुए फोन पर बात करते रहते हैं, जबकि ऐसा करने पर दुनिया के अधिकांश हिस्सों में ज़ुर्माना भरना होता है। कार-प्ले सिस्टम की पहली कोशिश इस चलन को खत्म करने की होगी। हालांकि आपके पास बात करने की सुविधा का विकल्प बना रहेगा।
फोन और एसएमएस सेवा को कार के इंफोटेनमेंट सिस्टम से जोड़ना नई बात नहीं है लेकिन कार प्ले इसे नया आयाम देगा। वॉयस एक्टिवेट करने वाले सिस्टम सिरि की मदद से कार प्ले चालकों को एसएमएस करने, भेजने, फ़ोन करने या रिसीव करने, फेवरिट म्यूज़िकल प्ले-लिस्ट को बजाने और सुनने का विकल्प देगी। सिरि के अलावा कार प्ले टच स्क्रीन के साथ भी काम करेगा।
अतिरिक्त सुरक्षा के लिए अगर आपने अपना आईफ़ोन डैश बोर्ड से जोड़ दिया है और फिर कार प्ले का इस्तेमाल करना शुरू किया तो आप तब तक ऐसा नहीं कर पाएंगे जब तक कि आई फ़ोन को अनप्लग नहीं कर देते।
2 दिशा-निर्देश को लेकर अनुमान
यह काम फ़ोन भी कर सकता है लेकिन हर मोड़ पर उसे देखना संभव नहीं होता। कार प्ले यह काम और सहजता से कर सकता है। यह आपके ईमेल, संदेश, कैलेंडर और आपकी एप्वांयटमेंट के मुताबिक सबसे बेहतरीन रूट बताएगा।
कार के नेविगेशन सिस्टम या साफ्टवेयर को अपडेट करने की भी जरूरत नहीं होगी। इतना ही नहीं चालक को व्यस्त रखने के लिए कार-प्ले संबंधित इलाके के ऐपल मैप्स भी दिखाता रहेगा।
3 सुनने के ज्यादा विकल्प
आजकल की ज्यादातर कारों में सेटेलाइट रेडियो सर्विस भी पैसे चुकाने पर उपलब्ध होते हैं लेकिन हर कोई इसका इस्तेमाल नहीं करता। ऐसे में ऐपल के म्यूज़िक और इंटरटेनमेंट ऐप्स पर ढेरों गाने सुन सकते हैं।
कोई भी चालक स्पॉटिफाई, पैंडोरा, आई हर्ट रेडियो, आई ट्यून्स और अन्य ऐप्स पर काफी सारे गाने सुन सकता है, इसके अलावा ज़्यादा ऑडियो ऐप्स भी डाउनलोड कर सकता है।
ऐपल ने इसी साल जून में वर्ल्ड वाइड डेवलपर कांफ्रेंस में घोषणा की है कि कार प्ले आने वाले दिनों में वायरलेस हो जाएगा। यह आईफ़ोन को ऑपरेट करने वाली सॉफ्टवेयर आईओएस 9 के रिलीज़ होने के बाद होगा।
ऐपल के दावे के मुताबिक आईफ़ोन आपकी जेब में ही रहेगा और यह वायरलेस कार से कनेक्ट होकर कार प्ले को चालू कर देगा।
वोल्वो अपनी कार एक्ससी 90 एसयूवी में कार प्ले को शामिल कर रहा है। कार कंपनियां उस तरह की ऐप तैयार करने में सक्षम है, जो क्लाइमेट कंट्रोल के मुताबिक काम कर सकता है।
5 पुरानी गाड़ी में हो सकता है इस्तेमाल
जो लोग नई गाड़ी नहीं खरीदने जा रहे हैं, उनके लिए भी निराश होने की बात नहीं है। क्योंकि कार-प्ले का इस्तेमाल पुरानी गाड़ियों में भी संभव है।
यह कार प्ले डिस्पले सिस्टम 600 डॉलर से शुरू होता है। यह सस्ता तो नहीं है लेकिन फैक्ट्री में इंस्टाल इंफोटेनमेंट यूनिट के मुक़ाबले सस्ता जरूर है।
हालांकि कार प्ले पूरी तरह से खामी मुक्त नहीं है, इसमें दर्जनों अपडेट भी होने हैं। इतना ही किसी दूसरी कार के डिस्पले सिस्टम में इसका इस्तेमाल भी उतना सहज नहीं है, बावजूद इन सबके कार प्ले डिस्पले सिस्टम कार चलाने की दुनिया को और दिलचस्प जरूर बना देगा।