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कुंभ की व्यवस्था पर भाजपा-कांग्रेस में तकरार

Thu, 28 Feb 2013 11:03 AM IST
लखनऊ/अमर उजाला ब्यूरो
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कुंभ पर व्यवस्था को लेकर बुधवार विधानसभा में भाजपा और कांग्रेस के सदस्यों की आपस में तकरार हो गई। भाजपा सदस्य कांग्रेस-सपा पर साठगांठ का आरोप लगाते हुए वेल में आ गए तो कांग्रेस सदस्य भी भाजपा पर आरोप लगाया और वेल में पहुंच गए। अध्यक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री मो. आजम खां से आग्रह किया, ‘आप ही इन्हें समझाइए।’ आजम ने चुटकी लेते हुए कहा,‘ अध्यक्ष जी! किसे समझाऊं, दोनों लोग आपस में समझकर ही तो यह कर रहे हैं।’
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प्रश्न प्रहर में कांग्रेस के अखिलेश प्रताप सिंह ने नियम 300 के तहत औचित्य का सवाल उठाते हुए नगर विकास मंत्री मो. आजम खां की तरफ से 22 फरवरी को कुंभ को लेकर दिए गए जवाब को सत्य से परे बताया। कहा, मंत्री ने उत्तर दिया है, ‘केंद्र सरकार ने कुंभ की व्यवस्थाओं के लिए पैसा देने से मना कर दिया। मंत्री का जवाब गलत है।

आजम खां ने कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा है। 24 जनवरी 2013 को पैसा आना क्या उचित है। खुद प्रधानमंत्री की तरफ से प्रदेश सरकार को भेजे गए पत्र में इसका उल्लेख है। अगर प्रदेश सरकार केंद्र के सहारे बैठी रहती तो कुछ नहीं हो पाता। आप हमारा (प्रदेश सरकार का) मुंह काला करा देते।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि वह सिर्फ मंत्री के जवाब पर आपत्ति कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पिछली कुछ सरकारों की तुलना में इस बार मेला के इंतजाम काफी अच्छे रहे। भाजपा विधानमंडल दल के नेता हुकुम सिंह ने कहा कि सपा-कांग्रेस ने मिलकर घोटाला किया है।

कांग्रेस सदस्यों ने इसका विरोध किया। जवाब में भाजपा सदस्य भी विरोध में खड़े हो गए। बात इतनी बढ़ी कि भाजपा विधायक वेल में आकर कांग्रेस और सपा को ‘चोर-चोर मौसेरे भाई’ बताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ सदस्यों ने इसमें बसपा का भी नाम जोड़ा।
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