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साप्ताहिक राशिफल: 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक

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इस सप्ताह के प्रारंभ में मंगल के साथ चंद्र का मिलन होगा। इससे आप का उत्साह बढ़ेगा लेकिन यह उत्साह उग्र रूप धारण कर सकता है। तारीख 13, 14 और 15 के मध्याह्न तक कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ वाद विवाद में न उलझें।
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कार्यबोझ व तनाव बढ़ेगा। इसके पश्चात सूर्य के मेष में प्रवेश करने और केतु के साथ युति होने से अब से एक महीने तक स्वास्थ्य नरम रहेगा। संतान की चिंता रहेगी।

सप्ताह के अंतिम दिनों में किसी कारणवश परिवार या स्वयं के लिए भी आप समय नहीं निकाल पाएंगे। इसलिए आपको परिवारजनों की थोड़ी नाराजगी का सामना करना पड सकता है।
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वृषभ : कार्य में अड़चनें आ सकती है

इस सप्ताह आपको नयी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। आने वाले माह में आपका आत्मबल कम होगा। गणेशजी के अनुसार ऐसे समय में आपको सूर्य की उपासना करनी चाहिए। अगर आपकी कुंडली में सूर्य निर्बल है तो गायत्री उपासना उसका श्रेष्ठ उपाय है।

इससे आपको सिर्फ अच्छे परिणाम ही मिलेंगे। सूर्य स्तोत्र, आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ, हरिवंश श्रवण वगैरह भी कर सकते हैं। पिताजी को कष्ट हो सकता है।

सरकारी कार्य में भी अड़चनें आ सकती है। कोर्ट-कचहरी संबंधित विवादित निर्णय आपके पक्ष में नहीं आएंगे। ऐसा शायद आने वाले माह में भी हो सकता है।

मिथुन : आपको लाभ होगा

गणेशजी कहते हैं कि इस सप्ताह आपको सूर्य की उपासना करनी चाहिए। मित्रों, बुजुर्गों के व्यवहार अथवा व्यवसाय, नौकरी में अचानक बदलाव आएगा जो आपको ठीक नहीं लगेगा इसलिए निम्नलिखित उपाय के तौर पर आप पूजा कर सकते हैं।

'ॐ धृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करने से आपको लाभ होगा। इस मंत्र की पांच माला का जाप आपको रोज़ करना चाहिए। रविवार को एक वक्त खाएँ और उपवास रखें। सूर्यनारायण को खीर का प्रसाद भी दे सकते हैं।

यह व्रत 21 रविवार तक करने से आपको लाभ होगा। हर दिन बिल्व के पेड़ या तुलसी के पौधे को पानी डालें।

कर्क : सूर्य पूजा से लाभ

15 अप्रैल से 14 मई तक सूर्य-केतु की युति आपके कर्म, व्यापार और पिता के स्थान में हो रही है, इसलिए आपको सूर्य की उपासना करनी चाहिए। 'ॐ धृणि सूर्याय नमः' मंत्र का पांच माला जाप हर दिन करने से लाभ होगा।

रविवार को उपवास रखें। सूर्यनारायण को खीर का प्रसाद भी दे सकते हैं। 21 रविवार तक व्रत करने से लाभ होगा। रोज बिल्व के पेड़ या तुलसी के पौधे को पानी डालें।

रोज सुबह तांबे के लोटे में शुद्ध जल, दो दाने चावल के लेकर एक चुटकी सिंदूर या चंदन और लाल पुष्प इकट्ठे करके सूर्यनारायण को अर्ध्य दें।

सिंह : जीवन में भाग्योदय होगा

इस सप्ताह आपको सूर्य की उपासना करनी चाहिए। 'ॐ धृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करने से आप को लाभ होगा। इस मंत्र की रोज़ पाँच माला करें। रविवार को एक ही समय का भोजन ले कर उपवास करें।

सूर्य नारायण को खीर का प्रसाद भी दे सकते हैं। यह व्रत 21 रविवार तक करने से आपको लाभ होगा। रोज़ बिल्व के पेड़ या तुलसी के पौधे को पानी दें, सुबह तांबे के लोटे में शुद्ध जल, अक्षत, चुटकी भर सिंदूर या चंदन और लाल पुष्प ले कर सूर्य नारायण को अर्ध्य दें और गायत्री मंत्र का जाप करें।

रोटी के अंदर गुड़ रख कर दाएं हाथ से गाय को खिलाएं। इस प्रयोग से जीवन में भाग्योदय होगा।

कन्या : तुलसी के पौधे को पानी दें

गणेशजी कहते हैं कि सूर्य की उपासना करनी चाहिए। 'ॐ धृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करने से आपको लाभ होगा। इस मंत्र की रोज पांच माला जप करें। रविवार को एक समय का भोजन लेकर उपवास करें। सूर्य नारायण को खीर का प्रसाद भी दे सकते हैं।

इस व्रत को 21 रविवार तक करें। तुलसी के पौधे को पानी दें। सुबह तांबे के लोटे में शुद्ध जल, अक्षत, चुटकी भर सिंदूर या चंदन और लाल पुष्प जमाकर के सूर्य नारायण को अर्ध्य देते समय गायत्री मंत्र का जाप करें। रोज़ रोटी के अंदर गुड़ रख कर दाएं हाथ से गाय को खिलाएं।

तुला : यह उपाय करना फायदेमंद रहेगा

गणेशजी कहते हैं कि सूर्य उपासना आपके लिए आवश्यक है। 'ૐ धृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करने से आपको फायदा होगा। इस मंत्र की रोज पांच माला जप करें। रविवार को एक समय भोजन करें। यह व्रत 21 रविवार तक कर सकते हैं।
 
तुलसी के पौधे को पानी दें। रोज सुबह तांबे के पात्र में शुद्ध जल, दो दाने अक्षत, थोडा कुमकुम या चंदन और लाल पुष्प मिश्रित करके सूर्य नारायण को अर्घ्य दें। इस समय आप गायत्री मंत्र जप सकते हैं या ऊपर बताए गए मंत्र का भी जप कर सकते हैं। एक चपाती में गुड़ रखकर अपने दाएं हाथ से गौ माता को खिलाएं।

वृश्चिक : भाग्य का लाभ पाने के लिए करना होगा यह काम

गणेशजी के अनुसार आपको सूर्य की उपासना करनी चाहिए। 'ॐ धृणि सूर्याय नमः' मंत्र का हर रोज पांच माला जाप करना चाहिए। सूर्य नारायण को खीर का प्रसाद भी दे सकते हैं। 21 रविवार व्रत रखना चाहिए। तुलसी के पौधे को पानी दें।

सुबह तांबे के लोटे में शुद्ध जल, चावल के दो दाने, चुटकी भर सिंदूर या चंदन और लाल पुष्प जमा कर के सूर्य नारायण को अर्ध्य दें और अर्ध्य देते समय गायत्री मंत्र का जाप करें। रोज़ रोटी के अंदर गुड़ रख कर आप के दायें हाथ से गाय को खिलाएँ। इस प्रयोग से जीवन में भाग्योदय होगा।

धनु : प्रगति की ओर बढ़ेंगे

इस सप्ताह आप कम्युनिकेशन पर अधिक ध्यान देंगे। व्यावसायिक तौर पर देखें तो अभी प्रगतिमय समय कह सकते हैं। आपको सूर्य की उपासना करनी चाहिए। रोज 'ॐ धृणि सूर्याय नमः' मंत्र का पांच माला जाप करें।

21 रविवार एक समय का भोजन लेकर उपवास करें। सूर्य नारायण को खीर का प्रसाद भी दे सकते हैं। बिल्व के पेड़ या तुलसी के पौधे को पानी दें।

रोज सुबह तांबे के लोटे में शुद्ध जल, चावल के दो दाने, चुटकी भर सिंदूर या चंदन और लाल पुष्प जमा कर के सूर्य नारायण को अर्ध्य देते समय गायत्री मंत्र का जाप करें।

मकरः किसी की सहायता की जरूरत पड़ेगी

सप्ताह के प्रारंभ में आपको भाग्य का साथ मिलेगा किन्तु आपको काम पूर्ण करने के लिए किसी की सहायता की ज़रूरत पड़ेगी। सूर्य की उपासना करनी आवश्यक है। आपको हर रोज 'ૐ धृणि सूर्याय नमः' मंत्र का पांच माला जाप करना चाहिए।

21 रविवार एक समय भोजन लेकर उपवास करें। सूर्य नारायण को खीर का प्रसाद चढ़ा सकते हैं। तुलसी के पौधे को पानी दें।

रोज़ सुबह तांबे के पात्र में शुद्ध जल, दो दाने अक्षत, थोडा कुमकुम या चंदन और लाल पुष्प डाल कर सूर्य नारायण को अर्ध्य दें। इस समय आप गायत्री मंत्र बोल सकते हैं या ऊपर बताया मंत्र भी बोल सकते हैं।

कुंभ : गायत्री मंत्र का जाप करें

गणेशजी के अनुसार आपको सूर्य की उपासना करनी चाहिए। आप 21 रविवार तक एक समय खाना ग्रहण करते हुए उपवास रखें एवं हर रोज पांच माला 'ॐ धृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करें।

सूर्य नारायण को खीर का प्रसाद भी दे सकते हैं। तुलसी के पौधे को पानी दें। रोज़ सुबह तांबे के लोटे में शुद्ध जल, चावल के दो दाने, चुटकी भर सिंदूर या चंदन और लाल पुष्प जमाकर के सूर्य नारायण को अर्ध्य देते समय गायत्री मंत्र का जाप करें।

रोज़ रोटी के अंदर गुड़ रख कर आप के दायें हाथ से गाय को खिलाएँ। इस प्रयोग से जीवन में भाग्योदय होगा।

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मीन : सूर्य की पूजा करें

गणेशजी सलाह है कि आपको सूर्य की उपासना करनी चाहिए। आपको पांच माला 'ॐ धृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करने से लाभ होगा। आप 21 रविवार एक समय का भोजन लेकर उपवास करें। सूर्य नारायण को खीर का प्रसाद भी दे सकते हैं।

हर दिन बिल्व के पेड़ या तुलसी के पौधे को पानी दें। रोज सुबह तांबे के लोटे में शुद्ध जल, चावल के दो दाने, चुटकी भर सिंदूर या चंदन और लाल पुष्प जमा कर के सूर्य नारायण को अर्ध्य देते समय गायत्री मंत्र का जाप करें। रोज़ रोटी के अंदर गुड़ रखकर अपने दांए हाथ से गाय को खिलाएं।

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