मौनी अमावस्या पर मेला और रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ के बाद ऐसे किसी हादसे से निपटने के लिए शासन स्तर से बरती जा रही गंभीरता का नतीजा है कि अब सेना की पैरा रेजीमेंट की टीम कुंभ के लिए आ गई है। दो हेलीकॉप्टर में पैरा रेजीमेंट का मेडिकल स्टॉफ पूरे साजो-सामान के साथ मंगलवार को यहां पहुंच गया। हेलीकॉप्टर समेत यह मेडिकल टीम अब महाकुंभ समाप्त होने तक मुस्तैद रहेगी।
वैसे तो महाकुंभ में उमड़ने वाली करोड़ों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को ध्यान में रखते हुए जबरदस्त चिकित्सा व्यवस्था की गई थी। चिकित्सा व्यवस्था प्रभारी मेजर डॉ.बीपी सिंह ने किसी अप्रिय घटना की स्थिति में घायलों की सेना की तर्ज पर तेजी से इलाज की खातिर 20 क्विक रेस्पांस मेडिकल टीम (क्यूआरएमटी) भी गठित की है।
इन सभी टीम को खास इमरजेंसी किट से लैस किया गया। इसके बावजूद 25 जनवरी को मेले में अग्निकांड में 20 लोगों के झुलसने और 10 फरवरी को मौनी अमावस्या की रात जंक्शन पर भगदड़ में घायल लोगों को फौरन इलाज और बेहतर चिकित्सा की खातिर दिल्ली भेजने में समय लगा। भगदड़ के बाद शासन स्तर से महाकुंभ मेले के लिए नए सिरे से हुए इंतजाम में सेना की पैरा रेजीमेंट की मेडिकल टीम यहां भेजी गई है।
मेजर डॉ.बीपी सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम उन्हें मिलेट्री हॉस्पिटल के कमांडेंट ब्रिगेडियर केएस कठपालिया और सीनियर रजिस्ट्रार कर्नल एके शर्मा ने पैरा रेजीमेंट की तैनाती की जानकारी दी। आगरा से पैरा रेजीमेंट के दो हेलीकॉप्टर में कुशल चिकित्सक दल मंगलवार को आ गया है। ये हेलीकॉप्टर मिलेट्री हॉस्पिटल के पास मुस्तैद रहेंगे। पैरा रेजीमेंट के मेडिकल स्टॉफ और दो डॉक्टरों के साथ बुधवार को कर्नल एके शर्मा सेंट्रल हॉस्पिटल कुंभ मेला पहुंचेंगे।
इन डॉक्टरों की उनकी इच्छा के अनुसार मेले में कल्पवासी क्षेत्र के जोनल हॉस्पिटल में 10 मार्च तक के लिए तैनाती की जा सकती है। मेजर डॉ.सिंह के मुताबिक, महाकुंभ मेले में अब किसी आपदा की स्थिति में पैरा रेजीमेंट के हेलीकॉप्टरों के जरिए घायलों को मौके से उठाया जा सकता है। जरूरत पर उन्हें सैन्य हॉस्पिटल या फिर दिल्ली और लखनऊ भेजा जा सकेगा।