मंगल को ज्योतिषशास्त्र में राहु, केतु एवं शनि के समान ही पाप ग्रह माना गया है। यह दुर्घटना, पारिवारिक विवाद और रक्तपात का कारक ग्रह भी माना जाता है।
1 मार्च को मंगल तुला राशि में अपनी चाल बदलकर वक्री होने जा रहा है यानी उल्टी चाल चलने वाला है। इसी मास की 25 तारीख को यह तुला राशि से निकलकर कन्या राशि में प्रवेश कर जाएगा। ज्योतिषशास्त्री चन्द्रप्रभा बताती हैं कि मंगल का वक्री होना शुभ फलदायी नहीं है।
राशियों पर मंगल के वक्री चाल का प्रभाव
इस बीच धनु राशि के व्यक्तियों को क्रोध और उत्तेजना पर नियंत्रण रखना होगा अन्यथा कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है। इनके लिए अच्छा होगा कि जोखिम से बचें। वाहन चलाते सावधान रहें।
सावधानी की जरुरत वृष राशि के व्यक्तियों के लिए भी है। क्योंकि इस राशि पर भी मंगल की दृष्ट पड़ रही है। मेष राशि के व्यक्ति अधिक उत्साहित रहेंगे। इन्हें अपने प्रयासों में सफलता मिलेगी।
तुला राशि वाले व्यक्ति इन दिनों कभी नरम तो कभी गरम दिखेंगे यानी इनके व्यवहार और विचारों में अस्थिरता रहेगी। संयम से काम लेना इनके हित में रहेगा।
मंगल का देश दुनिया पर प्रभाव
मंगल के अशुभ प्रभाव से देश की राजनीति प्रभावित होगी। पड़ोसी मुल्क के साथ ही साथ दूसरे देशों से भी तल्खी बढ़ सकती है। आतंकी घटनाओं में जान माल का नुकसान हो सकता है।
विस्फोट एवं आगजनी जैसी घटनाएं हो सकती है। प्राकृतिक आपदाएं एवं दुर्घटना की भी संभावना रहेगी। खेल जगत से निराशा जनक खबरें आ सकती हैं। सलाह है कि इन दिनों जोखिम भरे काम और वाहन चलाते समय सावधान रहें।