महाकुंभ-2013 समेत विगत चार सालों में आयोजित कुंभ मेलों का परफॉरमेंस ऑडिट कराया जाएगा। ऑडिट की जिम्मेदारी महालेखाकार उत्तर प्रदेश को सौंपी गई है। ऑडिट को लेकर विभागीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई है।
मेलाधिकारी मणिप्रसाद मिश्र ने लोनिवि, स्वास्थ्य, सिंचाई, जल निगम, पावर कारपोरेशन समेत सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक ली। मेलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश जारी किया गया कि वह अपने अपने विभागों में नोडल अधिकारी नियुक्त कर लें।
मेलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि माघ मेला 2008-09, 2009-10, 2010-11 और 2011-12 केअलावा महाकुंभ-2013 का परफॉरमेंस ऑडिट होगा। ऑडिट में विभिन्न विभागों मेले के दौरान कराए गए अस्थायी और स्थायी निर्माण कार्यो पर खर्च किया गया ब्यौरा देना होगा। साथ ही कहा कि मेले के आयोजन के लिए किसी भी मद में कहीं से भी कोई धनराशि जारी की गई है उसे ऑडिट में शामिल किया जाए।
मेलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि रिपोर्ट तैयार करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाएं। यदि किसी भी स्तर से शिथिलता बरती गई तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करायी जाएगी।