विवाह हर व्यक्ति का खूबसूरत सपना होता है। सभी की चाहत होती है कि विवाह के बाद उनके जीवन में प्रेम और आनंद बना रहे।
लेकिन बदलते सामाजिक परिस्थितियों में वैवाहिक जीवन में आपसी मतभेद और एक दूसरे को धोखा देने की बातें भी खूब होने लगी है। ऐसे में एक जरूरी चीज है जिस पर ध्यान देने की जरूरत है।
विवाह से पहले इन बातों पर कर लें विचार
विवाह की बात जब तय होने लगे तो यह बात तय कर लें कि जिनके बीच नया रिश्ता जुड़ने जा रहा है क्या वह एक दूसरे के लिए सहयोगी और भाग्यशाली हैं। इसके लिए ज्योतिषशास्त्र में कुण्डली मिलान की व्यवस्था की गई है।
कुण्डली मिलान करवाते समय इस बात का ध्यान रखें कि होने वाले वर वधू की कुण्डली में तलाक, वियोग, जेल यात्रा, धन अभाव का योग कैसा है। यह भी देखना जरूरी है कि वर वधू की संतान और स्वास्थ्य की स्थिति कैसी है। इन सबके बाद कुण्डली में मंगलिक योग का विचार भी जरूर कर लेना चाहिए।
विवाह से पहले ऐसी गलती न करें
इन दिनों बहुत से लोग एक ऐसी गलती करते हैं जो विवाह के बाद परेशानियों का बड़ा कारण होता है। यह गलती है ग्रह नक्षत्रों के साथ खेल। यानी जब कोई रिश्ता पसंद आ जाता है और कुण्डली में अनुकूल स्थिति नहीं बन रही होती है तब गलत कुण्डली बनवाकर आपस में कुण्डली मिलवा दी जाती है। इससे शादी तो हो जाती है लेकिन शादी के बाद वर-वधू दोनों के जीवन में सुख और आनंद का अभाव बना रहता है।
दूसरी एक और गलती है जो आमतौर पर काफी देखने में आ रहा है। कुण्डली में ग्रह दोष होने पर ज्योतिषी के बताए कुछ उपाय करके ग्रह दोष से मुक्त मान लिया जाता है। लेकिन सच यह है कि मूल ज्योतिषशास्त्र में उपाय का कहीं कोई जिक्र नहीं है। ज्योतिषशास्त्र होने वाली घटनाओं को जानने मात्र के लिए बना था। ईश्वर के नियम में दखल देने के लिए नहीं। यह अलग बात है कि प्रार्थना और ध्यान से कुछ सुधार जरूर संभव है।
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