भाजपा, विहिप और संतों के बीच समीकरण बनने से सपा और कांग्रेसी खेमे में बेचैनी है। महाकुंभ क्षेत्र से बार-बार नरेंद्र मोदी का नाम उठने को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। बुधवार को कुंभ मेला का निरीक्षण करने पहुंचे प्रदेश के नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां ने भाजपा और विहिप पर निशाना साधा। कहा कि कुंभ आध्यात्मिक क्षेत्र हैं, यहां सियासी परचम लहराना ठीक नहीं। मंदिर हो या मस्जिद, धार्मिक क्षेत्र में सियासत करना उचित नहीं।
आजम ने कहा कि, उन्हें नहीं मालूम कि मोदी यहां अपना किया-धरा धुलने आ रहे हैं या गंगा को मैला करने। हो सकता है गंगा में डुबकी लगाने के बाद उन्हें सद्बुद्धि आए। आजम से पूछा गया कि संतों के आशीर्वाद से मोदी को फायदा मिलेगा या नहीं, तो चुटकी लेते हुए बोले कि मोदी स्वामी अधोक्षजानंद से मिलकर उनका आशीर्वाद लें, मिल गया तो मोदी को फायदा हो सकता है।
उन्होंने मोदी को लेकर भाजपाइयों की ओर से की जा रही बयानबाजी पर भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह को घेरते हुए कहा कि पार्टी में अनुशासन बनाना अध्यक्ष का काम होता है। चुटकी ली कि राजनाथ सिंह की सख्ती का उनके कार्यकर्ताओं पर कोई असर नहीं है।
उन्होंने राजनाथ के उस बयान पर भी पलटवार किया, जिसमें कहा गया है कि भाजपा की सरकार आने के बाद गंगा की सफाई कराई जाएगी। मंत्री ने कहा कि एनडीए की सरकार में भाजपा ने काफी कुछ साफ किया और अब खुद भी साफ हो रही है। आजम के मुताबिक कुंभ में गंगाजल पूरी तरह से साफ है। दुष्प्रचार करने वाले प्रदेश सरकार के विरोधी हैं और साजिश कर रहे हैं।