महाकुंभ मेला में तरह-तरह के पंडालों के बीच 11 मंजिल की यज्ञशाला भी तैयार हो रही है। सीताराम जप महायज्ञ के लिए तैयार हो रहे शिविर में सिर्फ यज्ञशाला पर डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह यज्ञशाला तकरीबन 70 फीट ऊंची है और इसमें 108 हवन कुंड बनाए जा रहे हैं। यहां 12 फरवरी से कार्यक्रम शुरू होंगे, जबकि हवन 16 फरवरी से प्रारंभ होगा। इस दौरान 1008 ढोलक, 1008 हार्मोनियम और चार हजार झांझ के साथ जाप भी होगा।
सेक्टर नौ में गंगेश्वर महादेव और सोमेश्वर महादेव मार्ग के बीच स्थित सीताराम जप महायज्ञ के लिए तैयार हो रहे शिविर में यज्ञशाला का निर्माण भादो से चल रहा है। बांस, बल्ली और पुआल से इस यज्ञशाला को तैयार करने में 60 मजदूर दिन-रात जुटे हुए हैं।
खास यह कि यज्ञशाला में 70 फीट तक की बल्ली लगाई गई है और उसमें एक भी जोड़ नहीं है। इन बल्लियों को प्रतापगढ़ से जंगलों से लाया गया है। अकेले बल्ली पर तकरीबन दस लाख रुपये खर्च किए गए हैं। यज्ञशाला तैयार होने में अभी एक सप्ताह का वक्त और लगेगा।
यज्ञशाला के बगल में 1008 मंदिरों का निर्माण भी किया जा रहा है, जिसमें नर्बदेश्वर भगवान की स्थापना की जाएगी। एक-एक मंदिर में 21 व्यक्ति नौ दिन और नौ रात जाप करेंगे। साथ ही 24 घंटे ओम नम: शिवाय का जाप होगा। इसके अलावा इसमें 1008 ढोलक, 1008 हार्मोनियम और चार हजार झांझ से साथ 21640 नाम जाप होगा। शिविर के व्यवस्थापक स्वामी आत्मानंद दास महात्यागी नेपाली बाबा ने बताया कि महायज्ञ में भारत, नेपाल सहित अन्य देशों के दो लाख भक्त शामिल होंगे।