यमुना की सफाई के साथ-साथ खादर इलाके को खूबसूरत बनाने की मुहिम शुरू हो गई है। नदी के दोनों पाट पर फूल, फलदार पेड़ और बांस लगाए जाएंगे ताकि सैर करने वालों को स्वस्थ वातावरण मिल सकें। इस मुहिम में दिल्ली के उपराज्यपाल खुद जुटे हैं। दिल्ली विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि 11 किलोमीटर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र को साफ कर कायाकल्प किया जाए।
उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली स्थित शास्त्री पार्क, बेला फार्म, गढ़ी मांडू खंड का निरीक्षण किया। उनके साथ डीडीए के अधिकारी भी मौजूद रहे। 11 किलोमीटर के क्षेत्र को निरीक्षण करने के बाद वहां का कायाकल्प करने के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया।
एलजी ने कहा कि एक बार कायाकल्प हो जाने के बाद फ्लड प्लेन को फिर से जीवंत किया जाए। घास, बांस, फूल, फल देने वाले पेड़ों की विभिन्न प्रजातियों को लगाया जाए। शास्त्री पार्क में एक लाख पौधे लगाने का निर्देश दिया। यह क्षेत्र सीलमपुर, शास्त्री पार्क और शाहदरा इलाकों से जुड़ा है।
पहले चरण में कचरा, डंप किए गए कचरे, जानवरों के कचरे और अतिक्रमण को हटाकर यमुना किनारे की सफाई की होगी। इसके बाद घास लगाए जाएंगे। मैदानी इलाके में दो जल निकाय बनेगा। दोनों जल निकायों को एक चैनल के माध्यम से जोड़ा जाएगा।
प्रदूषण मुक्त करने के लिए 25 से सद्भावना यात्रा
यमुना को प्रदूषण मुक्त की मांग तेज होने लग गई है। इस सिलसिले में रविवार को नजफगढ़ स्थित साईं बाबा मंदिर के प्रांगण में पंचायत हुई। इस दौरान प्रस्ताव पास किया गया कि यमुना को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए 25 मार्च से नजफगढ़ से दो दिवसीय सद्भावना यात्रा शुरू की जाएगी और 26 मार्च को यात्रा के समापन के अवसर पर यमुना किनारे आरती होगी। विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों व आम लोगों ने एलान किया कि वह अब यमुना नदी की दुर्दशा बर्दाश्त नहीं करेंगे और उसे प्रदूषण मुक्त कराकर दम लेंगे। पंचायत की अध्यक्षता करते हुए पालम 360 खाप के प्रधान सुरेन्द्र सोलंकी ने कहा कि वर्षों से यमुना नदी की सफाई का अभियान चल रहा है।