पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने राज्य में सात चरणों में मतदान कराये जाने के चुनाव आयोग के फैसले पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि चुनावों के लंबा खिंचने से आम लोगों पर दबाव बढ़ेगा।
पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम ने रमजान के महीने में चुनावों के आयोजन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बंगाल में चुनाव पांच या सात या फिर 14 चरण में हों इससे फर्क नहीं पड़ता है। लोगों के दिलों में ममता बनर्जी के लिए खास जगह है। चुनावों के लंबा खिंचने से लोगों पर बेवजह दबाव बढ़ेगा।
चुनावों का निष्पक्ष होना जरूरी : वाममोर्चा
वाममोर्चा के अध्यक्ष विमान बसु ने कहा कि राज्य में लोकतंत्र की हत्या हो चुकी है। यह महत्वपूर्ण नहीं है कि चुनाव कितने चरण में होंगे। बंगाल में इन चुनावों का निष्पक्ष होना सबसे जरूरी है। यदि चुनाव आयोग ऐसा सुनिश्चित कर सके तो बंगाल में लोकतंत्र की बहाली की लड़ाई को बढ़ावा मिलेगा। वाममोर्चा 13 मार्च को अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर देगा।