तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (तस्वीर साभार: एएनआई)
गुलाबी रंग को हमेशा से ही महिलाओं से जोड़कर देखा जाता रहा है। तेलंगाना में गुलाबी मतदान केंद्र पर छिड़ी जंग अब थम गई है। चुनाव आयोग ने फैसला किया है कि महिलाओं के लिए कोई बूथ गुलाबी रंग का नहीं होगा। कांग्रेस ने इसे लेकर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग से दखल देने की मांग की थी।
बता दें कि रंग को लेकर यह जंग तब शुरू हुई थी जब चुनाव आयोग ने 7 दिसंबर को होने वाले चुनाव में महिलाओं के लिए गुलाबी मतदान केंद्र की बात कही थी। कांग्रेस ने इस कदम पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि गुलाबी रंग सत्ताधारी तेलंगाना राष्ट्र समिति से संबंधित है। कांग्रेस प्रवक्ता सरवन दसाजू ने चुनाव आयोग द्वारा गुलाबी रंग के बैलेट पेपर तैयार करने पर भी एतराज कटाया था। आयोग ने 90 लाख बैलेट पेपर तैयार किए है।
मुख्य चुनाव अधिकारी रजत कुमार ने कहा कि मतदान केंद्र पर किसी विशेष रंग का इस्तेमाल नहीं किआ जाएगा। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्र पर तैनात महिलाएं अपनी मर्जी से किसी भी रंग का कपडा पहन सकती हैं। इन बूथों पर सुरक्षाकर्मी से लेकर मतदान कर्मी तक सभी महिलाएं ही होंगी। महिलाओं के लिए तैयार ये बूथ 'सखी बूथ' कहलाएंगे।
राज्य में नामांकन की प्रक्रिया जारी है। 20 नवंबर को स्क्रूटनी की प्रक्रिया होगी। यहां 7 दिसंबर को मतदान होगा और चुनाव परिणाम 11 दिसंबर को जारी किए जाएंगे।