सरकार ने
उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ाते हुए अगले तीन साल में 4.8 करोड़ छात्रों तक इसकी पहुंच बनाने का लक्ष्य तय किया है। उच्च शिक्षा में बदलाव को लेकर केंद्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (कैब) की बैठक में तय किया गया कि
यूजीसी और एनआईसीटीई अगले तीन साल में एक करोड़ छात्रों को दक्षता विकास का प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ेंगे।
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडे़कर ने बताया कि बैठक के दूसरे दिन लक्ष्य तय किया गया कि उच्च शिक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए नए विश्वविद्यालय व कॉलेज खोले जाएंगे। बैठक में छात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम पर भी चर्चा हुई। विश्वविद्यालय या कॉलेज तकनीकी शिक्षा को छोड़कर अन्य सभी डिप्लोमा, डिग्री व सर्टिफिकेट कोर्स ऑनलाइन मोड से करवा सकेंगे।
ऑनलाइन कोर्स उन्हीं संस्थानों में शुरू करने की अनुमति होगी, जिन्हें नैक एक्रीडिटेशन के तहत 3.26 का ग्रेडिंग मिली होगी। ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई शुरू करवाने के लिए यूजीसी ने तैयारियां शुरू कर दी है। सत्र 2018 से छात्रों को ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम में भी पढ़ाई का मौका मिलेगा।
आईआईएम बिल 31 जनवरी से होगा लागू
संसद के दोनों सदनों में आईआईएम बिल पारित हो गया है। सरकार 31 जनवरी या एक फरवरी से इसे लागू करने जा रही है। जावडे़कर ने बताया कि आईआईएम बिल पास होने के साथ अब उक्त संस्थानों को और अधिक स्वायत्ता मिलेगी, सरकार का दखल खत्म होगा।