सुप्रीम कोर्ट ने
जेपी एसोसिएट लिमिटेड को यह बताने के लिए कहा है कि देशभर में उसके कितने हाउसिंग प्रोजेक्ट हैं? साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक बार दोहराया कि जेपी एसोसिएट लिमिटेड के पांच प्रमोटर और आठ स्वतंत्र निदेशकों को अपनी संपत्तियां नहीं बेचेंगे और फंड को इधर-उधर नहीं करेंगे। शीर्ष अदालत ने चेतावनी दी है कि अगर वे ऐसा करते हैं तो तिहाड़ अधिक दूर नहीं है।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि फ्लैट चाहने वालों को
फ्लैट और रिफंड चाहने वाले को रिफंड मिलेगा। पीठ ने जेपी एसोसिएट को हलफनामा दायर कर यह बताने के लिए कहा है कि देश में उसकेकितने हाउसिंग प्रोजेक्ट हैं। साथ ही पीठ ने न्याय मित्र(अमाइकस क्यूरी) को जेपी एसोसिएट लिमिटेड की हाउसिंग प्रोजेक्ट्स केनिवेशकों के लिए वेबपोर्टल बनाने के लिए कहा है। वेबपोर्टल पर खरीदार अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे।
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इसकेअलावा पीठ ने जेपी एसोसिएट के स्वतंत्र निदेशकों को पेशी से छूट दे दी है। उनकी उम्र को देखते हुए पीठ ने यह निर्णय लिया है। हालांकि पीठ ने कहा कि बिना अदालत की अनुमति से स्वतंत्र निदेशक विदेश नहीं जाएंगे। वहीं पीठ ने कहा कि आरबीआई की उस याचिका पर बाद में सुनवाई होगी जिसमें जेपी एसोसिएट लिमिटेड के खिलाफ दिवालियापन की कार्रवाई शुरू करने की गुहार की गई है।