प्रतुल शाहदेव ने कहा की शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे जुलूस पर जिस तरीके से हमला हुआ यह एक बड़ी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है। नई सरकार के गठन के बाद ही पूरे प्रदेश में अराजकता चरम पर है। महिलाओं के साथ अपराध की घटनाएं बढ़ी हैं।
उन्होंने कहा, झारखंड राज्य बनने के बाद चाईबासा में अब तक का सबसे बड़ा आदिवासियों का नरसंहार हुआ। जिसमें चाईबासा में सुनियोजित तरीके से सात लोगों को जघन्य तरीके से मार दिया गया। लोहरदगा में एक समुदाय विशेष के लोगों को टारगेट करके हमला किया गया। पुलिस की उपस्थिति में उपद्रवकर्मी दुकानों और वाहनों को जलाते रहे।
प्रतुल ने कहा की जिस तरीके से शांतिपूर्वक जुलूस निकाल रहे लोगों पर हमला किया गया तो यह पूरा प्रकरण पूर्व नियोजित साजिश प्रतीत होती है। उन्होंने कहा की राज्य सरकार तुष्टीकरण के कारण पूरे प्रदेश को आग में झोंकने का कार्य कर रही है। प्रतुल ने कहा की भाजपा यह मांग करती है की हमलवारों की तुरंत शिनाख्त करके उनकी अविलंब गिरफ्तारी की जाए और पूरे घटना पर मूकदर्शक रहे अधिकारियों पर भी कार्रवाई भी हो।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने आरोप लगाया कि 25 दिनों में ही हेमंत सोरेन की सरकार ने अराजकता की हद पार कर दी है और ऐसे में भाजपा चुप नहीं बैठेगी। इस बीच, भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने चाईबासा में हुई आदिवासियों की निर्मम हत्या को लेकर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की और अपना ज्ञापन सौंपा।
झारखंड के लोहरदगा जिले में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के समर्थन में गुरुवार को जुलूस निकाला गया। विशाल जुलूस पर उपद्रवी तत्वों द्वारा पथराव के बाद हिंसा भड़क गई। पथराव के विरोध में लोगों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ व आगजनी की जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिये हवाई फायरिंग करनी पड़ी। पथराव में कई लोग बुरी तरह घायल हो गए हैं। पुलिस के कई जवान भी इस घटना में घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने एहतियातन शहर में कर्फ्यू लागू कर दिया है और पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
पुलिस ने बताया कि जब पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सीएए और एनआरसी के समर्थन में लोग जुलूस निकाल रहे थे, उसी समय अज्ञात लोगों ने लोहरदगा के अमलाटोली चौक के पास उन पर पथराव कर दिया। उन्होंने बताया कि इससे भड़के लोगों ने आसपास खड़ी कई मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया और जमकर तोड़फोड़ की।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि स्थिति जब नियंत्रण से बाहर हो गई और इलाके की दुकानों में तोड़फोड़ की गई तो पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हवा में कई राउंड गोलियां चलाईं। स्थिति तनावपूर्ण होने की खबर पाकर जिले की उपायुक्त आकांक्षा रंजन एवं पुलिस कप्तान प्रियदर्शी आलोक पूरे दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। इस घटना में किसी के हताहत होने की अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन नियंत्रण में है।