जवाहर बाग हिंसा के सूत्रधार रामवृक्ष के साथ छह महिला शार्प शूटर और 500 महिला लठैत की टीम थी। ये मध्यप्रदेश, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के जिलों की रहने वाली थीं और इन सभी को बाकायदा ट्रेनिंग दी गई थी कि पुलिस कार्रवाई के दौरान इन्हें कैसे आगे आकर पुलिस को रोकना है। शार्प शूटर तो हमेशा रामवृक्ष के साथ ही रहती थीं। जवाहर बाग हिंसा में गिरफ्तार लोगों का कहना है कि रामवृक्ष की सबसे ज्यादा विश्वासपात्र ये ही थीं।
स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह संगठन के नाम पर लोगों को भ्रमित करने वाला रामवृक्ष बेहद शातिर दिमाग था। उसने मध्यप्रदेश, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के गरीब और बेरोजगार लोगों को उनका पूरा खर्च देने का झांसा देकर अपने साथ जोड़ लिया था। यूं तो उसके संगठन से जुड़ी महिलाओं की संख्या 1700 बताई जा रही है लेकिन इनमें 6 महिलाएं ऐसी थीं जो शार्प शूटर थीं। वो तमंचे से लेकर सभी दूसरे असलहे चला सकती थीं। इनमें दो शादीशुदा थीं लेकिन अपने पति को छोड़कर रामवृक्ष के संगठन से जुड़ गईं थीं। महिला लठैत भी 500 थीं। यह मध्यप्रदेश और बिहार की बताई जा रही हैं। पुलिस ने अभी तक जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उनसे पूछताछ में यह बात सामने आई है कि जवाहर बाग में महिलाओं का एक पूरा दस्ता तैयार हो गया था। पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए वह हमेशा महिलाओं को आगे कर देता था।
साड़ी पहनकर दिया था पुलिस को चकमा
रामवृक्ष पर दस से भी ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। एक मामले में पुलिस ने उसकी तलाश में लखनऊ के एक मोहल्ले में दबिश दी थी। सूत्रों का कहना है कि रामवृक्ष को पता चल गया था कि पुलिस आने वाली है। वह साड़ी पहनकर वहां से निकल भागा था। उसे करीब से जानने वालों का कहना है कि वह भेष बदलने में माहिर था।
सियासी जमीन तैयार कर रहा था
रामवृक्ष विधानसभा और लोकसभा का इलेक्शन लड़ चुका था। उसने 1977 में जहूराबाद विधानसभा से चुनाव लड़ा भी था। बाद में दूरदर्शी पार्टी से 1984 में गाजीपुर से लोकसभा का इलेक्शन लड़ा था। अब वह 2017 के इलेक्शन में भी प्रदेश की कई सीटों से अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी कर रहा था। जवाहर बाग में जहां उसने आफिस बना रखा था वहां मिलीं जली डायरियों में कई विधानसभाओं के वोटरों की संख्या जातिवार आंकड़ों के साथ दर्ज है। जिस तरह से गोला बारूद इकट्ठा किया जा रहा था उससे आशंका व्यक्त की जा रही है कि वह चुनावों में हिंसा भी करा सकता था।