खुले में शौच रोकने के लिए राजस्थान में प्रशासन ने अनोखी योजना शुरू की है। यहां खुले में शौच नहीं जाने और शौचालय का नियमित प्रयोग करने वाले परिवार को हर महीने ढाई हजार रुपये दिए जाएंगे। इस योजना की शुरूआत जैसलमेर जिले में की गई है। यहां डीएम ने दो पंचायतों बायतू और गिंडा को इस योजना के लिए चुना है।
डीएम सुधीर शर्मा ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाना और गांव को शौच मुक्त बनाना है। इसी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इसके तहत शौचालयों की जांच करने और इसके नियमित इस्तेमाल की पुष्टि के बाद ही पुरस्कार दिए जाएंगे।
कौन-कौन देंगे योजना में साथ ?
खुले में शौच मुक्त की इस योजना को सफल बनाने के लिए केन इंडिया और ग्रामीण विकास विभाग संयुक्त तौर पर आगे आए हैं। वहीं जिला प्रशासन की देखरेख में बायतू और गिंडा यानि दोनों पंचायतें भी इस योजना में सहभागी होंगी। डीएम सुधीर शर्मा ने बताया कि देश में पहली बार ऐसी योजना लागू की गई है। वहीं, डीएम ने योजना को सफल बनाने में भागीदार 8 परिवारों को इस मौके पर 2500 रुपये के चेक भी सौंपे।