बिहार में इसी साल अक्तूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। सभी राजनीतिक पार्टियों ने अभी से ही चुनावी तैयारियां शुरू कर दी है। इसी बीच राजधानी पटना में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के बीच जुबानी जंग के बाद पोस्टर वार शुरू हो गया है। पटना के सबसे व्यस्त चौराहों में से एक इनकम टैक्स चौराहा पर जेडीयू की और से एक पोस्टर लगाया गया है।
इस पोस्टर में एक तरफ लिखा गया है कि जेडीयू बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा मांग रही है, दूसरी तरफ लिखा गया है कि आरजेडी लालू प्रसाद के लिए विशेष कैदी का दर्जा मांग रही है। यह पोस्टर काफी चर्चा में है। जेडीयू द्वारा इस पोस्टर को इनकम टैक्स चौराहे पर लगाया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की नजर इस पर पड़ सके। इनकम टैक्स चौराहा पटना शहर के ज्यादातर मुख्य मार्गों को जोड़ता है साथ ही अगर बेली रोड या स्टेशन जाना है तो इस चौराहे से होकर ही गुजरना पड़ेगा। पोस्टर वार के जरिए दोनों पार्टियां मतदाताओं को अपने खेमे में करने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही है।
इससे पहले फरवरी महीने में राष्ट्रीय जनता दल की ओर से बिहार सरकार के खिलाफ पोस्टर जारी किया गया था। तीन फरवरी को आरजेडी की ओर से जारी पोस्टर में जेडीयू पर निशाना साधा गयाथा। आरजेडी ने 'कुर्सी के प्यारे-बिहार के हत्यारे' नाम से पोस्टर जारी किया था। पोस्टर में बिहार को डूबते हुए दिखाया गया था। वहीं सरकार को खिलाड़ी बताते हुए कुर्सी-कुर्सी खेलने का आरोप लगाया था। आरोप लगाया गया था कि बिहारी लुट रहा है और जनता का शोषण, अत्याचार व उत्पीड़न किया जा रहा है। पोस्टर में सरकार द्वारा लोगोें को बेरोजगार करने और भ्रष्टाचार फैलाने वाला बताया है। वहीं पोस्टर के जरिए वार किया कि चोरी से आई सरकार पूरा बिहार ले डूबी।
इससे पहले भी जारी हो चुके हैं पोस्टर
इससे पहले पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के खिलाफ आरजेडी समर्थकों ने 'ट्रबल इंजन' पोस्टर लगवाए थे। पोस्टर के जवाब में जेडीयू समर्थकों ने लालू यादव की 'अपराध गाथा' और 'पटना-होटवार करप्शन मेल' नाम से पोस्टर्स जारी किए थे। इन पोस्टरों में 'चारा घोटाले' की सांकेतिक तस्वीर को भी दर्शाया गया। पोस्टरों में लालू प्रसाद यादव के साथ तेजस्वी यादव को भी दिखाया गया था।
नए साल की शुरुआत से जारी है पोस्टर वार
नए साल की शुरुआत से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने एक-दूसरे पर पोस्टर के जरिए निशाना साधा था। जदयू ने आरजेडी के 15 सालों पर निशाना साधते हुए 'हिसाब दो हिसाब लो' का पोस्टर लगाया था। इसके जवाब में आरजेडी ने पोस्टर जारी किया और लिखा था कि ‘झूठ की टोकरी, घोटालों का धंधा’। आरजेडी प्रदेश कार्यालय के बाहर लगाए गए इस पोस्टर में केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा गया था।