लालू यादव ने 18 जुलाई को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ गठबंधन में पड़ी दरार को खत्म करते हुए उसे लड्डू बांटकर सेलीब्रेट किया। लालू ने कहा कि नीतीश ने अपने सोने के समय दूध के ग्लास में एक लड्डू को डुबो दिया। लेकिन यह उत्साह अपरिपक्व या एकतरफा हो सकता है।
हालांकि लालू यादव की पार्टी ने कहा है कि वो हमेशा की तरह अपने कारोबार पर वापस लौट आए हैं। साथ ही उन्होंने अपने विधायकों को अगले महीने की एक बड़ी रैली के लिए कार्य करने को कहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों हुए एक समझौते के बारे में कुछ भी नहीं कहा है।
बता दें कि बिहार में जारी सियासी उथल-पुथल के बीच नीतीश कुमार ने कैबिनेट के साथ बीते दिन बैठक की थी। बीते शाम 6 बजे शुरू हुई कैबिनेट की बैठक के लिए डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप सिंह भी पटना सचिवालय पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट बैठक के बाद सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के बीच सचिवालय के एक कमरे में करीब 45 मिनट तक दोनों के बीच बातचीत हुई।
उधर नीतीश और तेजस्वी की मुलाकात के सवाल पर राजद सु्प्रीमो लालू प्रसाद यादव ने कहा कि सब ठीक है। उधर सूत्रों के हवाले से खबर आ रही थी कि राजद के विधायक बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास पर उनसे मुलाकात करने गए थे।
मालूम हो कि तेजस्वी यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे हैं जिनको लेकर उन पर लगातार इस्तीफे का दबाव बना हुआ है। कल शाम हुई कैबिनेट की इस बैठक से इलेक्ट्रानिक मीडिया को दूर रखा गया था। उनके प्रवेश पर रोक लगाई गई थी। वहीं, बिहार के सियासत को लेकर नीतीश की बैठक को अहम माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक में तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर भी फैसला हो सकता है।