आल इंडिया काउंसिल फार टेक्निकल एजूकेशन
देश में 12वीं पास 75 फीसदी छात्र विभिन्न कारणों से कॉलेज की पढ़ाई नहीं कर पाते। महज 25 फीसदी छात्र ही
स्नातक तक की पढ़ाई पूरी कर पाते हैं। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन
(एआईसीटीई) अब ऐसे छात्रों को प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जोड़ने जा रही है। ऐसे दो लाख छात्रों के लिए इस वर्ष देश भर के 1500 तकनीकी संस्थानों में छह-छह महीने की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
केंद्र सरकार की पिछले हफ्ते जारी ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन 2016-17 की रिपोर्ट में सामने आया है कि भारत की ग्रास एनरोलमेंट रेश्यो महज 25.2 फीसदी है। यानी देश के महज 25 फीसदी युवा ही स्नातक तक की पढ़ाई कर पाते हैं। उच्च शिक्षा के दरवाजे तक न पहुंचने वाले छात्रों को अब एआईसीटीई प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में जुड़ने का मौका दे रही है। एआईसीटीई जनवरी के आखिर तक दो लाख छात्रों को इस योजना में रजिस्टर करेगी। उक्त छात्रों की पसंद के आधार पर तकनीकी शिक्षा में दक्ष किया जाएगा। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद सरकार की ओर से उन्हें रोजगार का मौका या बिजनेस शुरू करने में सहायता दी जाएगी।
भारत में तकनीकी शिक्षा सबसे महंगी
भारत में तकनीकी शिक्षा दुनिया में सबसे महंगी है। इसी कारण एआईसीटीई की इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट व फार्मेसी की 37 लाख सीटों में से महज 20 लाख पर दाखिला होता है। जबकि 13 लाख छात्र तकनीकी शिक्षा की स्नातक डिग्री हासिल कर पाते हैं। उनमें से महज 8 से दस लाख युवाओं को रोजगार मिल पाता है।
दो लाख छात्रों को तकनीकी दक्षता दिलाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि देश के 23 वर्ष तक के युवा कॉलेज तक पहुंचें। युवाओं को तकनीकी शिक्षा में दक्ष किया जाए, ताकि खुद के साथ दूसरों को भी रोजगार देने में सक्षम हों। इसी के तहत प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में दो लाख छात्रों को जनवरी अंत तक दाखिला दिया जाएगा। - एमपी पुनिया, वाइस प्रेजीडेंट, एआईसीटीई