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आरएसएस वालों ने ही करवाई थी बापू की हत्या: तुषार गांधी

Mon, 06 Mar 2017 11:58 AM IST
amarujala.com- कौशल कुमार ओझा, अलीगढ़ / Presented by : अजय कुमार सिंह
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तुषार गांधी
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रपौत्र एवं चर्चित पुस्तक ‘लेट्स किल गांधी’ के लेखक तुषार के. गांधी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में लिटरेरी क्लब द्वारा आयोजित लिटरेरी फेस्टिवल-2017 में शामिल होने आए हुए थे। इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर उनसे बातचीत हुई जिसमें उन्होंने कहा कि बापू की हत्या आरएसएस वालों ने ही करवाई थी। इसके अलावा उन्होंने कई मु्द्दों पर खुलकर बात की।
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प्र- बापू की हत्या किन लोगों ने करवाई थी?
उ - 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या आरएसएस वालों ने ही करवाई थी। यह कपूर कमीशन की रिपोर्ट में भी है। आरएसएस के सहारे के बिना पुणे के रहने वाले नाथूराम गोडसे को उस जमाने में यूरोप की फेवरेट पिस्टल ब्रेटा (नाइन एमएम सेमी ऑटोमेटिक) कैसे मिल सकती थी। गोडसे को पिस्टल 28 की शाम में ही मिल गई थी। राष्ट्रव्यापी संस्था आरएसएस का सपोर्ट नहीं होता तो गोडसे पिस्टल अरेंज नहीं कर सकता था। इस केस में सावरकर का भी हाथ हो सकता है।

प्र- राहुल गांधी का मामला कोर्ट में जाने के बाद अब लोग सीधे-सीधे आरएसएस को बापू का हत्यारा ठहराने से बच रहे हैं।
उ - दरअसल आरएसएस को इस केस में अभियुक्त नहीं बनाया गया। बिना अभियुक्त बनाए न्यायालय द्वारा किसी को कसूरवार नहीं ठहराया जा सकता। इसलिए लोग पटेल या अन्य का हवाला देकर अपनी बात कह रहे है।
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प्र- आपकी पुस्तक ‘लेट्स किल गांधी’ चर्चा में है। 
उ - इस पुस्तक में महात्मा गांधी के अंतिम दिनों के साथ-साथ हत्या की साजिश, हत्या, जांच एवं ट्रायल से संबंधित महत्वपूर्ण तथ्य हैं। कपूर कमीशन की रिपोर्ट को भी इसमें शामिल किया गया है।


 
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आज बापू होते तो क्या होता।

mahatma gandhi
प्र- आज बापू होते तो क्या होता।
उ - बापू होते तो मौजूदा हालात देखने को नहीं मिलता। अभियान चलाकर देशभक्ति के सर्टिफिकेट बांटे जा रहे हैं। व्यक्तिगत विचारों का रौंदा जा रहा है। सवाल उठाने पर सरकार को खतरा महसूस हो रहा है। फासिस्ट लोग बौद्धिक वाद-विवाद में खड़े नहीं हो सकते। फासिस्ट ताकते हावी हैं। वह नहीं समझते की सरकार की आलोचना देश को मजबूत बनाती है।

प्र- उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में मुख्य मुद्दे गायब है, आप इसे किस रूप में देख रहे हैं।
उ - भाजपा ही नहीं किसी भी पार्टी के पास मूल मुद्दे पर बोलने का साहस नहीं है। सभी जनता को उलझाए रखना चाहते हैं। चुनाव प्रचार में जुमले फैशनेबल हो गए हैं। नुमाइश कर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा जा रहा है। यूपी का चुनाव प्रचार बेहद निम्न स्तर का चल रहा है। चुनाव को जाति, धर्म एवं क्षेत्रीयता आदि के आधार पर बांट दिया गया है। यह सब खेल टिकट वितरण के दौरान ही हो चुका है। कोई दूध का धूला हुआ नहीं है।

प्र- गुरमेहर कौर के मामले में आप क्या कहेंगे।
उ - वह अपने बयान पर अडिग है। उसकी हिम्मत को दाद देनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा देते है। उन्हीं का एक मंत्री गुरमेहर कौर पर व्यक्तिगत प्रहार कर रहा है। यह व्यक्ति एवं उसकी अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला है।
 
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