Maharashtra assembly election: महाराष्ट्र में 288-सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में महायुति गठबंधन ने 230 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी। महायुति गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) भी शामिल हैं।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में महायुति ने जबरदस्त जीत हासिल की है। गठबंधन सत्ता बचाने में सफल रहा। चुनावों से पहले राज्य में मराठा आरक्षण बड़ा मुद्दा माना जा रहा था। मराठा आरक्षण आंदोलन के कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उनके आंदोलन का कोई असर नहीं होने की चर्चा को रविवार को खारिज कर दिया।
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महाराष्ट्र में 288-सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में महायुति गठबंधन ने 230 सीट जीतकर सत्ता बरकरार रखी। महायुति गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) भी शामिल हैं।
महायुति ने मराठवाड़ा क्षेत्र की 46 में से 40 सीट पर जीत हासिल की, जिसमें जालना की सभी पांच सीट शामिल हैं। जालना नौकरियों और शिक्षा में मराठा समुदाय के वास्ते कोटा के लिए शुरू किये गए जरांगे के आंदोलन का केंद्र रहा है। चुनाव पर्यवेक्षकों ने सफलता का श्रेय ‘लाडकी बहिन’ जैसी योजनाओं और एक मजबूत अभियान को दिया। बता दें कि, लोकसभा चुनाव में सत्तारूढ़ गठबंधन के खराब प्रदर्शन का श्रेय काफी हद तक जरांगे के विरोध को दिया गया था, खासकर उपमुख्यमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ उनकी तीखी टिप्पणियों को।
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'समुदाय अपनी पसंद के अनुसार मतदान करने के लिए स्वतंत्र था'
चुनाव परिणामों को लेकर जब जरांगे ने पूछा कोई कैसे कह सकता है कि जरांगे फैक्टर विधानसभा चुनावों में विफल रहा, जबकि मैंने चुनाव नहीं लड़ा और न ही किसी का समर्थन किया? मैंने मराठा समुदाय को इन राजनीतिक दलों के चंगुल से मुक्त कराया। समुदाय अपनी पसंद के अनुसार मतदान करने के लिए स्वतंत्र था। मेरा ध्यान मराठों को सशक्त बनाने पर है। उन्होंने चुनाव परिणामों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि 288-सदस्यीय महाराष्ट्र विधानसभा के लिए 204 मराठा उम्मीदवार निर्वाचित हुए हैं।
विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) सिर्फ 46 सीट ही जीत सका। एमवीए में कांग्रेस, राकांपा (एसपी) और शिवसेना (यूटीबी) शामिल हैं। भाजपा को 132 सीट मिलीं, शिवसेना को 57, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) को 41 सीट मिलीं। एमवीए में शामिल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के उम्मीदवारों ने 10 और कांग्रेस ने 16 सीट जीतीं, जबकि शिवसेना (उबाठा) ने 20 सीट पर जीत दर्ज की।