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मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रियों को दी नई जिम्मेदारी, विधायकों पर रखेंगे नजर

Sun, 26 May 2019 04:59 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्य में विधायकों को नई जिम्मेदारी सौंपी है। इस जिम्मेदारी के तहत मंत्री पांच-पांच विधायकों पर नजर रखेंगे और उनसे लगातार संवाद भी करेंगे। रविवार को कमलनाथ ने विधायकों की बैठक बुलाई है।  

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कमलनाथ ने निर्दलीय विधायकों से खुद चर्चा करने का फैसला लिया है। दूसरी ओर, कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्य के हालातों पर दो बार मंथन किया। राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार और निगम मंडलों में नियुक्तियों पर भी सरकार जल्द फैसला लेगी।

दरअसल, मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार के गिरने-गिराने की अटकलों के बीच एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कांग्रेस में अंतर्कलह की ओर इशारा किया। वहीं, दूसरी ओर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने विधायकों के बगावती तेवर की आशंका पर यह कदम उठाने का फैसला लिया है।

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समय-समय पर सामने आती रही है निर्दलीय विधायकों की नाराजगी

चर्चा है कि मंत्रिमंडल के गठन के बाद से ही सरकार में जगह न पाने वाले पार्टी के वरिष्ठ विधायक और बाहर से सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायकों की नाराजगी समय-समय पर सामने आती रही है। 

मंत्रिमंडल में वरिष्ठ विधायकों में छह बार के विधायक केपी सिंह, बिसाहूलाल सिंह, एंदल सिंह कंसाना और राज्यवर्द्धन सिंह दत्तीगांव को जगह नहीं मिल पाई थी। वहीं, निर्दलीय विधायक सुरेंद्र सिंह ठाकुर और केदार सिंह डाबर भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की उम्मीद जता रहे हैं। इधर, बसपा विधायक संजीव सिंह कुशवाहा और सपा के राजेश शुक्ला को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा है।

मंत्रिमंडल विस्तार कब होगा, यह अभी तय नहीं है। फिलहाल कमलनाथ कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत अन्य 28 मंत्री हैं। ऐसे में मंत्रिमंडल में छह विधायक और शामिल किए जा सकते हैं। लिस्ट लंबी है और कमलनाथ के लिए चुनौतियां कम नहीं हुई है।
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