दंतेवाड़ा जिले के पुलिस अधीक्षक अभिषेक पल्लव कहते हैं कि सुरक्षा बलों को जानकारी मिली है कि कुछ स्थानों पर नक्सलियों ने ग्रामीणों का राशन लूट लिया है। जानकारी के बाद क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
पल्लव ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि दंतेवाड़ा जिले के किरंदुल और भांसी थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने ग्रामीणों का एक माह का राशन छीन लिया है। लॉकडाउन के बाद राज्य शासन ने राज्य के बीपीएल कार्ड धारकों को दो महीने मार्च और अप्रैल का राशन उपलब्ध कराया है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि डर के कारण इन घटनाओं की जानकारी ग्रामीण पुलिस को नहीं दे रहे हैं। लेकिन इस तरह की जानकारियों पर कार्रवाई करते हुए इस महीने की 16 तारीख को दंतेवाड़ा बीजापुर जिले की सीमा पर सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड़ के दौरान एक नक्सली को मार गिराया था।
उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान धार्मिक और सामाजिक समारोहों पर प्रतिबंध लगाया गया है। लेकिन इसके बावजूद नक्सलियों ने जंगलों में बैठकें आयाजित की और ग्रामीणों से राशन छीन लिया। यह इस बात का सबूत है कि इस संकट के समय में भी माओवादी आदिवासियों के प्रति कितने असंवेदनशील हैं।
बस्तर में तैनात एक अन्य पुलिस अधिकारी ने बताया कि माओवादी अक्सर गर्मी के दौरान अभियान चलाकर सुरक्षा बलों पर हमले तेज करने की रणनीति तैयार करते हैं।
इस अभियान के प्रारंभिक भाग में वह आम तौर पर राशन और अन्य जरूरी वस्तुओं का संग्रह करते हैं जो मार्च से मई के दौरान तीन माह तक उनकी मदद कर सके। यदि इस दौरान उन्हें रसद की कमी हुई तब हमले की इस पारंपरिक रणनीति पर असर होगा।