झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (फाइल)
- फोटो : फेसबुक/ हेमंत सोरेन
झारखांड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य के माओवाद प्रभावित जिलों में पदस्थ सहायक पुलिस कर्मियों के भविष्य को चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि राज्य सरकार ने आदिवासियों के हित में कई फैसले किए हैं। सरकार आदिवासियों के साथ है।
रोजगार सृजन के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार को पश्चिमी सिंहभूमि जिले के चाईबासा में आयोजित रोजगार मेले में शामिल हुए। यहां उन्होंने कहा कि झारखंड के निर्माण के बाद भी 20 वर्षों तक आदिवासियों की उपेक्षा की गई लेकिन मेरी सरकार का लक्ष्य है कि उन्हें विकास प्रक्रिया में शामिल किया जाए। सोरेन ने दावा किया कि उनकी सरकार ने रोजगार सृजन के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं, जिस वजह से राज्य में अब उसका असर दिखाई दे रहा है। सोरेन का कहना है कि राज्य के 3.5 करोड़ लोगों के लिए सेवा करने के लिए तैयार हैं। हमने बहुत कम समय में कई कड़े फैसले लिए हैं। झारखंड विकास के रास्ते पर है।
सहायक पुलिसकर्मियों को लेकर जाहिर की चिंता
सोरेन ने आगे कहा कि राज्य में रोजगार के दरवाजे खुले हुए हैं। समाज के हर वर्ग के लोगों को रोजगार देने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की गई हैं। स्व-रोजगार के लिए भी राज्य में नए अवसर हैं। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार सहायक पुलिसकर्मियों के भविष्य को लेकर चिंतित है। हम इनकी सेवा को विस्तार करने की कोशिश कर रहे हैं। बता दें, 12 माओवाद प्रभावित जिलों में इनकी पोस्टिंग हुई है।
विदेश में शिक्षा देने के लिए राज्य में छात्रवृत्ति का भी प्रावधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार विदेश में उच्च शिक्षा के लिए 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति दे रही है। आदिवासी युवाओं को मुफ्त आवासीय कोचिंग कार्यक्रम प्रदान कर रही है। सरकार ने आदिवाियों को रोजगार प्रदान करने के लिए कानून बनाया है।