मध्यप्रदेश के इंदौर में बुधवार को हुए हमले के बाद ये बहादुर डॉक्टर गुरुवार को एक बार फिर उसी इलाके में कोरोना संबंधी जांच के लिए पहुंचे। यह हमला शहर के टाटपट्टी बाखल इलाके में हुआ था। डॉक्टरों की टीम वहां पहुंची और जांच कार्यों को अंजाम दिया। डॉक्टरों ने कहा कि हम इस तरह के हमलों से डरने वाले नहीं है, यह हमारा काम है और हम इसे करेंगे।
जांच करने पहुंचे इस दल में से एक डॉ. जाकिया ने कहा कि हमें कुछ चोटें आई हैं, लेकिन हमें अपना काम करना है और हम इस तरह की घटनाओं से डरेंगे नहीं। जाकिया उन स्वास्थ्यकर्मियों से एक हैं, जिन्हें इस हमले में चोट आई थीं।
उन्होंने कहा कि हम यहां संपर्क में आए लोगों की पिछले चार दिनों से जांच कर रहे है। लेकिन जो हमने कल देखा, वैसा हमने कभी नहीं देखा था। हमें इस हमले में चोटें आई है, लेकिन यह हमारा काम है और हम इससे डरेंगे नहीं।
मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने सीएम को लिखी चिट्ठी
वहीं, डॉक्टरों के साथ हुई मारपीट को लेकर राज्य के मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। इंदौर के टाटपट्टी बाखल इलाके में बुधवार को कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए अभियान चला रहे स्वास्थ्यकर्मियों पर लोगों ने पथराव कर दिया था। इससे दो महिला चिकित्सकों के पैरों में चोटें आई थीं।
मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन ने सीएम को लिखे पत्र में लिखा है कि सरकार के निर्देश के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी निरंतर कोरोना वायरस से बचाव के लिए कार्य में जुटे हैं। उन्होंने लिखा कि बुधवार को स्वास्थ्य कर्मियों के साथ हुई घटना से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के भीतर भय का माहौल पैदा हो रहा है। इस तरह की घटनाएं पिछले दो दिनों में हुई हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग की सभी अधिकारी और कर्मचारी आपसे सुरक्षा की मांग करते हैं।
उन्होंने लिखा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए कार्य कर रहे सभी स्वास्थ्य कर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने साथ ही लिखा की स्वास्थ्य विभाग के साथ काम कर रहे अन्य कर्मचारियों को भी राज्य सरकार की ओर से 50 लाख रुपये का बीमा प्रदान किया जाए। जिनमें नियमित, संविदा, आउटसोर्स, सेवानिवृत समेत सभी इससे जुड़े लोगों को शामिल किया जाए।
बुधवार को कोरोना वायरस से संक्रमित एक मरीज के संपर्क में आए लोगों को ढूंढने गए स्वास्थ्य कर्मियों पर कुछ लोगों ने अचानक पथराव कर दिया था। इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी वायरल हुआ।
स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले के आरोप में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा सहित धारा 186 , 188 और 353 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इंदौर डीआईजी हरि नारायण चारी मिश्र ने बताया कि अन्य दस दोषियों पर भी कार्रवाई की जा रही है।