छत्तीसगढ़ के बिलासपुर हाईकोर्ट ने मंगलवार को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के चेयरमैन को आदेश दिया है कि वह राजधानी रायपुर से बिलासपुर छोटी गाड़ी से जाएं। उन्हें कहा गया है कि वह 25 सितंबर को जाएं। साथ ही कोर्ट ने चेयरमैन से कहा है कि वह खुद भी इस केस की सुनवाई में उपस्थित होने चाहिए।
बता दें यह मामला दो शहरों को जोड़ने वाले चार लेन वाले राजमार्ग के निर्माण में देरी से संबंधित है। इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि दोनों कंपनी एल एंड टी और पुंज लयॉड के चीफ को भी यही सब करना है। इन कंपनियों को निर्माण कार्य का काम सौंपा गया था।
उन्हें भी अहसास होना चाहिए
कोर्ट में साल 2016 में डाली गई याचिका की सुनवाई चल रही थी। जिसमें राजमार्ग के निर्माण में देरी के बारे में कहा गया है। मामले की पहली सुनवाई जनवरी 2016 में हुई थी। कोर्ट ने अब कहा है कि राजमार्ग का निर्माण कोर्ट की निगरानी में होगा। लेकिन दो सालों के बाद भी काम पूरा नहीं हुआ है। काम को संभालने वालों को ये आदेश कोर्ट ने इसलिए दिए हैं ताकि उन्हें भी अहसास हो कि लोगों को किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
कोर्ट में चीफ जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी और जस्टिस पीपी साहु की बेंच ने एनएचएआई के चेयरमैन और अन्य दो कंपनियों के चीफ को आदेश देते हुए कहा कि 'उन्हें भी पता चलना चाहिए कि लोग किस प्रकार परेशान होते हैं।'