बिहार के मधेपुरा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जिले के कुमारखंड प्रखंड में सोमवार की रात सोहगिया देवी (35) की डायरिया से मौत हो गई थी। जिसके बाद परिवार ने गांव के लोगों से अंतिम संस्कार के लिए जमीन मांगी। लेकिन उन्हें किसी ने भी शव को जलाने की इजाजत नहीं दी। आखिरकार परिवार को घर में ही शव को दफनाना पड़ा।
मामले पर मृतका के पति ने कहा कि उनके पास घर के अलावा और कहीं जमीन नहीं है। लोगों से काफी मिन्नतें की गईं लेकिन फिर भी किसी ने शव का अंतिम संस्कार नहीं करने दिया। पंचायत के पूर्व मुखिया का कहना है कि गांव में शमशान घाट नहीं है। जिस कारण किसी की मौत हो जाने पर काफी परेशानी होती है।
जिसके पास खुद की जमीन है वह तो वहीं पर अंतिम संस्कार कर देता है लेकिन जिसके पास जमीन नहीं है उसे अपने घर में ही अंतिम संस्कार करना पड़ता है। गांव वालों ने अब प्रशासन से जमीन की गुहार लगाई है। इसके तहत लक्ष्मीपुर चण्डीस्थान की मुखिया रीता देवी ने सरकारी जमीन उपलब्ध कराने के लिए अंचलाधिकारी को पत्र लिखा है।