फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बूचड़खाने बंद होने से मांस निर्यात घटने की आशंका

Thu, 23 Mar 2017 09:05 PM IST
amarujala.com, Presented By- मुकेश झा
विज्ञापन
slaughter house in Varanasi - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश में बूचड़खाने पर प्रतिबंध के बाद भारत के मांस निर्यात में गिरावट की आशंका बढ़ गई है। भारत से होने वाले मांस निर्यात (भैंस मांस) में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 35 फीसदी है।
विज्ञापन


वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाले कृषि व प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपिडा) के मुताबिक भैंस मांस के उत्पादन का काम मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र व पंजाब में किया जाता है।

पिछले वित्त वर्ष में भारत ने 26,681.56 करोड़ रुपये के भैंस मांस का निर्यात किया था। एपिडा के मुताबिक भारत से वियतनाम, मलेशिया, मिस्र, सऊदी अरब व इराक जैसे देशों में मुख्य रूप से भैंस मांस का निर्यात किया जाता है।
विज्ञापन


भैंस मांस के एक निर्यातक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि उत्तर प्रदेश में बूचड़खाने पर होने वाली कार्रवाई को देखते हुए भैंस मांस के निर्यात में आने वाले वित्त वर्ष में 30 फीसदी से अधिक की गिरावट हो सकती है।
Trending Videos
विज्ञापन

कारोबार में दिखने लगी है गिरावट

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2016-17 के पहले 10 महीनों में पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले भैंस मांस के निर्यात में 2.4 फीसदी की गिरावट हुई है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक विश्व में होने वाले कुल भैंस निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 43 फीसदी है। उत्तर प्रदेश के के एक बड़े मांस निर्यातक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि बूचड़खाने बंद करने के अभियान का असर उनके कारोबार पर दिखने लगा है।

खरीदारों की तरफ से ऑर्डर में 50 फीसदी की कमी आ चुकी है। देश के मांस उद्योग में 2.2 करोड़ लोग कार्यरत हैं और इनमें से 1.5 करोड़ लोग उत्तर प्रदेश के हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें