वाड्रा के सहयोगी महेश नागर के दफ्तर पर ईडी का छापा, चालक के नाम खरीदी थी जमीन

अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद/नई दिल्ली Updated Fri, 09 Feb 2018 09:46 PM IST
ROBERT VADRA
बीकानेर की कोलायत जमीन खरीद घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को तिगांव विधायक के भाई और रॉबर्ट वाड्रा के करीबी महेश नागर के खेड़ी स्थित कार्यालय पर छापेमारी की। ईडी की टीम देर शाम तक दस्तावेज की छानबीन करती रही। विधायक ललित नागर ने ईडी के छापे को भाजपा सरकार की दबाव की राजनीति बताते हुए खुद को निर्दोष बताया है।

राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा ने महेश नागर को अपनी कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड की पावर ऑफ अटार्नी दे रखी थी। कोलायत में महेश नागर के चालक अशोक कुमार के नाम से जमीन खरीदी गई थी। बाद में यह जमीन अशोक ने महज 79 लाख रुपये में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी को बेच दी थी, जिसकी पावर ऑफ अटार्नी महेश नागर के पास थी। बाद में यही जमीन स्काईलाइट कंपनी ने एलीनिजो फिनलेज कंपनी को 5 करोड़ रुपये में बेची थी। इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का मुद्दा उठने पर मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय को सौंपी गई थी।

शुक्रवार सुबह छह बजे ईडी की टीम महेश नागर के खेड़ी स्थित प्रॉपर्टी डीलिंग के कार्यालय पर पहुंची। टीम की छानबीन देर शाम तक जारी रही। इस मामले में ईडी ने 12 अप्रैल, 2017 को महेश नागर के साथ ही तिगांव विधायक ललित नागर और उनके करीबियों के घर एक साथ छापा मारा था। 

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