पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और भाजपा का गठबंधन लगातार तीसरी बार सत्ता संभालने के लिए विधानसभा चुनाव में उतरा है। शिअद ने जहां अपना चुनाव अभियान कई महीने पहले ही शुरू दिया और अपने आधे से ज्यादा प्रत्याशियों का ऐलान भी दिसंबर तक कर दिया था, वहीं भाजपा की स्थिति अभी तक डावांडोल बनी हुई थी। हालांकि पार्टी ने सोमवार को अपने हिस्से की शेष बची छह सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए। भाजपा सूबे में 23 सीटों में चुनाव लड़ रही है।
भाजपा की छवि विधानसभा चुनाव को लेकर उदासीन दिखाई दे रही है, जिससे शिअद का रवैया भी अपनी सहयोगी पार्टी को लेकर उदासीन दिखने लगा है। गठबंधन के तहत शिअद इस बार भी 94 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इन सीटों के लिए पार्टी ने लगभग अपने सभी प्रत्याशियों का एलान भी कर दिया है।
इसके अलावा चुनाव आयोग को अपने स्टार कैंपेनरों की सूची भी सौंप दी है। वहीं, पंजाब भाजपा अब तक यह दावा ही कर रही है कि पार्टी प्रत्याशियों के प्रचार के लिए केंद्र सरकार के कई बड़े नेता पंजाब का दौरा करेंगे। जाहिर है, भाजपा को 16 दिन में ही सबकुछ करना है। भाजपा के हिस्से की सीटों पर भी पिछले हफ्ते तक भाजपा वर्कर परेशान रहे क्योंकि उन्हें यह जानकारी ही नहीं थी कि उनके इलाके से प्रत्याशी कौन है?
पिछले हफ्ते भाजपा ने 17 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित किए, लेकिन पंजाब में पार्टी का चेहरा माने जाने वाले नेताओं के नामों पर फैसला नहीं लिया था। नतीजतन बाकी 6 सीटों के एलान से पहले ही पार्टी बगावत में भी उलझ गई थी। मान-मनौव्वल का दौर चलता रहा, जिससे पार्टी वर्कर हतोत्साहित होते रहे।