चुनाव में जहां भाईचारा है, वहीं रिश्तेदार कई रिश्तेदार भी ताल ठोक रहे हैं। कई भावज-भैसुर, देवरानी-जेठानी, ससुर-दामाद मैदान में हैं। भोजपुर जिले की संदेश सीट पर भावज का मुकाबला जेठ से होने वाला है।
अरुण यादव की पत्नी किरण यादव राजद से चुनावी मैदान में हैं तो अरुण यादव के बड़े भाई विजेंद्र यादव यहां जदयू से ताल ठोक रहे हैं। शाहपुर सीट पर भी देवरानी-जेठानी एक-दूसरे को चुनौती दे रही हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी इमामगंज से चुनावी मैदान में हैं तो उनके दामाद देवेंद्र मांझी हम के टिकट पर मखदुमपुर और समधन ज्योती देवी बाराचट्टी से चुनावी मैदान में हैं। नीतीश सरकार के विधि मंत्री नरेंद्र नारायण यादव मधेपुरा के आलमनगर से और उनके दामाद निखिल मंडल मधेपुरा से जदयू उम्मीदवार हैं।
एक ही परिवार के कई-कई उम्मीदवार
पूर्व मंत्री चंद्रिका राय परसा से जदयू के टिकट पर मैदान में हैं। दामाद तेज प्रताप यादव हसनपुर से राजद उम्मीदवार हैं। हालांकि इनके रिश्ते में अब दरार आ गई है।
नवादा सीट पर जदयू के कौशल यादव मैदान में हैं तो उनकी पत्नी पूर्णिमा देवी गोविंदपुर से चुनाव लड़ रही हैं। उनके चचेरे भाई सुनील कुमार जदयू के टिकट पर ओबरा से ताल ठोक रहे हैं।
एक और चचेरे भाई भीम यादव गोह से चुनावी मैदान में हैं। रुपौली में नीतीश सरकार की मंत्री बीमा भारती जदयू के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं तो उनके बाहुबली पति अवधेश मंडल भी चुनाव में उतरने की तैयारी में हैं।
मोकामा में बाहुबली अनंत सिंह राजद के टिकट पर चुनावी मैदान में हैं तो उनकी पत्नी नीलम सिंह ने भी निर्दलीय पर्चा भरा है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव भी मैदान में हैं। इनमें से कई उम्मीदवारों की घर की आपसी लड़ाई चुनावी मैदान में देखने को मिलेगी, तो कइयों का परिवारवाद खुलकर सामने आया है।