भसोसे का कत्ल, इंसानियत का कत्ल, चंद पैसों की खातिर आबरू का सौदा। यूपी के बागपत में मेरठ की एक महिला को महज 80 हजार रुपए में बेंच दिया गया। उसकी कीमत लगाने वाला कोई नहीं, बल्कि वो सहकर्मी है जिस पर भरोसा जताकर वो काम करती थी।
वो उसके साथ शादियों और अन्य समारोहों में खाना बनाने जाती थी। लेकिन जिस महिला के साथ जाती थी, उसी ने उसको बेच दिया।
महिला को बेचे जाने की इस वारदात से हड़कंप मचा है। लेकिन चौक जाएंगे आप जब ये जानेंगे कि वारदात के पीछे की असल वजह क्या है?
बीवी अचानक गुमशुदा हुई तो पति हैरान हुआ। उसने अपनी बीवी को बहुत खोजा और उसके मोबाइल फोन पर संपर्क करने की कोशिश की।
इस दौरान एक गुमशुदा बीवी पति मोबाइल फोन के जरिए पति से बात करने में सफल हो गई। महिला ने अपनी सारी आपबीती पति को बताई। पीड़िता के पति ने बिना देर किए सिंघावली अहीर थाना का रुख किया और सारा माजरा पुलिस को बताया।
पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक उसकी पत्नी को मेरठ की एक महिला ने बिचपड़ी गांव के लोगों को 80 हजार रुपये में बेचा है। उसने बताया कि उसकी पत्नी को बंधक बनाकर रखा गया है।
मूक-बधिर युवक की शादी के लिए किया गया था इंतजाम
80 हजार रुपए के लिए आबरू नीलाम
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पीड़िता के पति ने पुलिस को बताया कि मेरठ की ही एक महिला शादियों में उसकी पत्नी को खाना बनाने का काम दिलाती थी। बीते रविवार को भी उसकी पत्नी इसी काम से घर से निकली थी। लेकिन वो वापस नहीं लौटी। गुरुवार को फोन पर पत्नी ने बताया कि बागपत के बिचपड़ी गांव में उसे बंधक बनाकर रखा गया है।
खबर लगते ही पीड़िता का पति कुछ और घरवालों के साथ बिचपड़ी स्थित उस मकान पर पहुंचा, तो ये जानकर दंग रह गया कि उसकी पत्नी की कीमत लगाई गई है। उसकी पत्नी को 80 हजार रुपए में मेरठ की महिला बेच गई है।
और सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात ये थी कि वारदात को इसलिए अंजाम दिया गया था कि एक मूक-बधिर युवक की शादी कराई जा सके। पति के लाख कहने पर उन लोगों ने उसकी पत्नी को चंगुल से आजाद करने से इन्कार कर दिया।
आखिरकार निराश और हतास पति ने मामला पुलिस में दर्ज कराया। पुलिस की मानें तो मामले की जांच चल रही है। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। महिला से भी पूछताछ की जा रही है।
महिलाओं की नीलामी बनी धंधा, पुलिस उदासीन
पुलिस की उदासीनता उजागर
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वहीं चश्मदीदों की मानें तो ऐसा पहली दफा नहीं है कि इलाके के युवकों की शादी के लिए महिला को सौदा करके लाया गया हो। पहले भी महिलाओं की खरीद-फरोख्त होती रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक बागपत के ही निवाड़ा गांव में बीते साल एक महिला की बोली लगी थी। पुलिस मौके पर पहुंची भी थी, लेकिन पुलिस ने किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की थी।
इसके अलावा बड़ौत क्षेत्र में कई बार महिलाओं की बोली लग चुकी है। खेकड़ा इलाके में आंध्र प्रदेश से लाई हुई युवती को बेचा गया।
पुलिस ने दबिश भी दी थी। लेकिन पुलिसिया कार्रवाई हाथी के दांत साबित हुई। लोगों की मानें तो बागपत में पुलिस अफसर महिलाओं को बेचने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।