शाहजहांपुर के तिलहर के भाजपा विधायक रोशनलाल वर्मा के कथित कब्जे से जमीन छुड़वाने के लिए अफसरों के चक्कर काटकर थक चुकी महिला अपने ससुर और सास के साथ शुक्रवार को ओसीएफ फैक्ट्री रामलीला ग्राउंड में पानी के ओवर हेड टैंक पर चढ़ गई। तीनों ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर आग लगाने की चेतावनी दी।
सास को तो फायर ब्रिगेड वालों ने कुछ देर बाद ही मनाकर उतार लिया लेकिन महिला और उसका ससुर लगभग साढ़े चार घंटे बाद भाजपा जिलाध्यक्ष के आश्वासन पर नीचे उतरे।
जिस बेशकीमती जमीन पर कब्जे की बात कही जा रही है, वह निगोही में पुवायां रोड पर रेलवे फाटक के पास हैरोड किनारे है।
इस जमीन पर इन दिनों दुकान के निर्माण का काम चल रहा है। इसी जमीन को अपना बताते हुए निगोही कस्बा निवासी मीरावती ने भाजपा विधायक रोशनलाल पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत स्थानीय अधिकारियों से की थी।
जब उसकी सुनी नहीं गई तब सात अगस्त को मीरा देवी ने कुछ लोगों के साथ कलक्ट्रेट में धरना दिया। इस पर निर्माण कार्य रुकवा दिया गया। बताते हैं कि बृहस्पतिवार को दोबारा से निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया।
मौके पर जमा भीड़
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पीड़िता ने अधिकारियों के यहां चक्कर काटे लेकिन उसकी सुनी नहीं गई। तब मीरादेवी अपने ससुर हेतराम और सास चंद्रकली के साथ शुक्रवार को शहर पहुंची और दोपहर लगभग एक बजे ओसीएफ रामलीला ग्राउंड में पानी की टंकी पर चढ़ गईं। उन लोगों के हाथ में पेट्रोल से भरी पिपिया भी थी। मीरादेवी का बेटा अनिल टंकी के नीचे खड़ा रहा।
मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट विनय प्रकाश श्रीवास्तव, एसडीएम रामजी मिश्र, सीओ सिटी सुमित शुक्ला, सीओ सदर अरुण कुमार, सदर इंस्पेक्टर डीसी शर्मा भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। फायर ब्रिगेड की टीम ने मीरा देवी की सास को तो उतार लिया लेकिन मीरादेवी और उसके ससुर हेतराम नहीं उतरे।
सिटी मजिस्ट्रेट ने महिला के बेटे अनिल कुमार कश्यप से बात कर दोनों को टंकी से नीचे उतरवाने को कहा लेकिन उसने कहा कि जब तक उसे लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उसकी मां और दादा टंकी से नीचे नहीं उतरेंगे। शाम लगभग सवा पांच बजे भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश मिश्र अनावा मौके पर पहुंचे और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा देकर 5.30 बजे नीचे उतारा। उधर विधायक से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया तो उनका स्वीच ऑफ मिला।