विश्व हिंदू परिषद गौरक्षा विभाग ने अपने गौरक्षकों को हिदायत दी है कि मवेशियों की तस्करी करने वालों को मारें, लेकिन उनकी हड्डियां न तोड़ें। पश्चिमी यूपी में बराज और उत्तराखंड के टॉप गौरक्षकों संबोधित करते हुए गौरक्षा विभाग सेंट्रल कमिटी के मेंबर खेमचंद ने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि ऐसा करने से गौरक्षक मुसीबत में नहीं आएंगे और मवेशियों की तस्करी करने वालों में भी डर बना रहेगा ताकि वह गैर-कानूनी कदम उठाने से पहले कई बार सोचे। खेमचंद से बाद में इस बयान को लेकर जब सवाल किए गए, तो उन्होंने कहा कि मेरी बात को गलत तरीके से लिया गया है।
उन्होंने कहा, ' मेरा मतलब था कि गौरक्षकों को अपनी सुरक्षा में ऐसा कदम उठाना चाहिए। ज्यादातर गौरक्षक मुसीबत में पड़ जाते हैं, जहां उन्हें हथियारों से लेस तस्करी करने वालों का सामना करना पड़ता है। हमने हमारे रक्षकों को लाठी का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं, जबकि तस्करों के पास बंदूके होती हैं।'
मोदी के मेक-इन-इंडिया पर उठाए सवाल
मेक इन इंडिया
- फोटो : Getty
इस बीच खेमचंद ने पीएम मोदी के मेक-इन-इंडिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पुराने दिनों में भारत को सोने की चीड़िया कहा जाता था। क्या आपको लगता है, वह मेक-इन-इंडिया की वजह से पुकारा जाता था। पहले के समय में कोई इंडस्ट्री नहीं थी, भारत को सिर्फ गाय बचा सकती है, न कि मेक-इन-इंडिया।
बताते चलें कि हाल ही में गुजरात के ऊना में कुछ गौरक्षकों ने कुछ दलितों को व्यस्त रोड़ पर रस्सी से बांध पीटा था। पिटाई की वजह यह थी कि दलित लड़के मरी हुई गाय की चमड़ी उतार रहे थे। इसी की खबर लगते ही गौरक्षक वहां पहुंच गए और युवकों को पीटने लगे।
इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और यह मामला इतना बढ़ गया संसद में भी उठा।