कोटा में पुलिस ने तीन दोस्तों को अपने एक दोस्त की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने शव को दफनाने से पहले मृतक के पिता से 15 लाख रुपए की फिरौती मांगी। उन्हें इसका आइडिया टीवी पर एक क्राइम शो देखने के बाद आया। कोटा सिटी पुलिस के अधीक्षक अंशुमान भोमिया ने बताया कि पुलिस ने 19 साल के विशाल मेवारा की हत्या और अपहरण के मामले में 18 साल के विक्रांत सिंह उर्फ हिमांशु, 20 साल के विजेंद्र सिंह भाटी को बोरखेरा से और 18 साल के प्रदीप कुशवाहा को भिंड के पास से गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि तीनों ने मेवारा को दारू पीने के लिए भाटी के रामराजपुरा गांव में स्थित खेत पर 2 मई को आमंत्रित किया।
खेत में उन्होंने मेवारा को मारने के बाद चाकू से उसका गला काट दिया। जिसके बाद शव की शिनाख्त ना हो पाए इसलिए उसके चेहरे और सिर पर लोहे की रोड मारीं फिर शव को ड्रम में डाल दिया और उसपर नमक डाल दिया ताकि शव गल जाए। इसके बाद बोरे में शव डालकर शहर से 20 किलोमीटर दूर चंबल नदी के पास नोटाडा गांव में उसे फेंक दिया। हत्या के बाद आरोपियों ने मेवारा के पिता बनवारी लाल मेवारा को
फिरौती के लिए फोन किया।
भोमिया ने बताया कि वह सभी एक भव्य जीवनशैली जीना चाहते थे। पत्थरों के व्यापारी का बेटा विशाल एक साल पहले ही कोटा आकर बसा था। वह यहां एक निजी
पॉलीटेक्निक कॉलेज में पढ़ाई करता था। सिंह भी मेवारा का दोस्त था और उसी कॉलेज में पढ़ता था। जब मेवारा घर नहीं पहुंचा तो उसकी मां ने बोरखेरा पुलिस स्टेशन में 2 मई को गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाई थी। गुरुवार सुबह पुलिस को स्थानीय लोगों की सूचना के आधार पर उसका शव मिला था। आरोपियों को पकड़ने से पहले पुलिस ने 200 लोगों से पूछताछ की थी।